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मोतिहारी: जमीनी विवाद की पंचायती में वकील ने बरसाईं गोलियां

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

वारदात में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल जब्त जिंदा कारतूस और खोखे बरामद दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार

पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी में भू-माफियाओं के बीच जमीनी रंजिश का खौफनाक चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है। नगर थाना क्षेत्र के कोल्हुअरवा इलाके में मंगलवार को जमीन के एक टुकड़े के लिए बुलाई गई पंचायती रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष के वकील ने सरेआम अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने न केवल खून-खराबा रोका, बल्कि मुख्य आरोपी को हथियार के साथ दबोच लिया।

विवाद सुलझाने जुटे थे पंच, चलने लगीं गोलियां

घटना के संबंध में बताया जाता है कि दिलीप कुमार गुप्ता और पेशे से वकील प्रकाश चौधरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मामले को सुलझाने के लिए कोल्हुअरवा में पंचायती बुलाई गई थी। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते गाली-गलौज और धक्का-मुक्की होने लगी। इसी बीच, आपा खोते हुए प्रकाश चौधरी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी की आवाज से इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पुलिस की 'Surgical' कार्रवाई: रंगे हाथों दबोचे गए आरोपी

फायरिंग की सूचना मिलते ही मोतिहारी नगर थाना पुलिस ने बिना एक पल गंवाए 'Surgical' स्ट्राइक की तर्ज पर घटनास्थल की घेराबंदी की। पुलिस की त्वरित सक्रियता का ही परिणाम था कि मुख्य आरोपी प्रकाश चौधरी और उसके सहयोगी को भागने का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल जब्त की जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए। कुल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती चर्चाओं में दिलीप कुमार के घायल होने की खबर थी, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ है।

हथियार का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। मुख्य आरोपी प्रकाश चौधरी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। एसपी के निर्देश पर आरोपी के हथियार के लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस प्रशासन का सख्त संदेश

"कानून हाथ में लेने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। लाइसेंसी हथियार आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है, आतंक फैलाने के लिए नहीं। हमने आरोपियों को जेल भेजने के साथ-साथ लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भेज दी है।" — पुलिस सूत्र

गिरफ्तारी के बाद नगर थाने में दोनों पक्षों के समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई, जिससे घंटों तक गहमागहमी बनी रही। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।