लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
शराब माफिया के नेटवर्क पर शिकंजा, चालक मौके पर फोन छोड़ भागा, जिससे अब पूरे शराब माफिया नेटवर्क का खुलासा होगा।
पूर्वी चंपारण: मोतिहारी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए, ज़िले के ढाका क्षेत्र से लगभग 40 लाख रुपये मूल्य की भारी मात्रा में विदेशी शराब ज़ब्त की है। यह कार्रवाई तब हुई जब मद्य निषेध इकाई, पटना, से मिली गुप्त सूचना पर पुलिस ने एक गिट्टी लदे हाईवा ट्रक को पकड़ा, जिसके भीतर एक गुप्त तहखाने में शराब का जखीरा छिपाया गया था।
आधी रात का ऑपरेशन, हाईवा में मिला 'रॉयल स्टैग' का भंडार
ऑपरेशन का नेतृत्व डीएसपी उदय कुमार ने किया, जिन्होंने आधी रात को सनसनीखेज छापेमारी को अंजाम दिया। डीएसपी कुमार ने बताया कि टीम ने ढाका से घोड़ासहन और कुंडवाचैनपुर जाने वाली भारतमाला रोड के समीप जाल बिछाया था। देर रात, जब गिट्टी से लदे एक हाईवा ट्रक को रोका गया और गहन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों ने पाया कि गिट्टी के नीचे एक विशेष गुप्त चैंबर बनाया गया था।
इस गुप्त जगह से 'रॉयल स्टैग' ब्रांड की 463 पेटियां (कार्टून) विदेशी शराब बरामद हुईं, जो झारखंड निर्मित बताई जा रही हैं।
ज़ब्त माल का विवरण
रॉयल स्टैग (विदेशी, झारखंड निर्मित),463 कार्टून लगभग 4167 लीटर जिसकी कीमत तकरीबन 40 लाख रुपये और गिट्टी लदा हाईवा ट्रक बरामद हुआ है।
ड्राइवर का मोबाइल बना 'मास्टर-की', नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी
छापेमारी के दौरान, हाईवा का चालक अंधेरे का फायदा उठाकर और पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। हालांकि, भागने की हड़बड़ी में तस्कर एक बड़ी गलती कर गया—वह अपना मोबाइल फोन मौके पर ही छोड़ गया।
डीएसपी उदय कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि यह मोबाइल अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा और अहम सुराग बन गया है। पुलिस ने तत्काल इस मोबाइल को ज़ब्त कर लिया है और अब इसकी मदद से शराब कारोबारी के पूरे नेटवर्क और उसके सरगना तक पहुँचने की तैयारी कर रही है। यह मोबाइल शराब माफिया के पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में 'मास्टर-की' साबित हो सकता है।
शराब माफिया में हड़कंप, पुलिस की दबिश जारी
डीएसपी उदय कुमार ने इस कार्रवाई को शराब तस्करों के विरुद्ध एक अत्यंत बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि "यह शराब की एक बहुत बड़ी खेप थी, जिसे मद्य निषेध इकाई, पटना, की सटीक सूचना और हमारी टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण पकड़ा गया है। हमारा लक्ष्य केवल शराब ज़ब्त करना नहीं, बल्कि पूरे माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करना है।"
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शराब कारोबारी तक पहुँचने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। डीएसपी ने साफ़ कहा कि किसी भी कीमत पर शराब माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
इस छापेमारी अभियान में ढाका थाना अध्यक्ष राम रूप राय और ढाका थाना के सशस्त्र बल की टीम शामिल थी। उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद पूर्वी चंपारण में अवैध शराब के कारोबार को एक और बड़ी चोट पहुँचेगी और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा हो पाएगा।







