लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल से पाकिस्तानी नंबरों के साथ ठगी के पैसों के लेनदेन, स्कैनर और सीडीएम से संबंधित चैटिंग और ऑडियो सबूत बरामद।
पूर्वी चंपारण: पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कुशल मार्ग निर्देशन और साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अभिनव पाराशर के नेतृत्व में मोतिहारी पुलिस को एक ऐसी सफलता हाथ लगी है, जिसने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल छापेमारी में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के एक सक्रिय एजेंट को गिरफ्तार किया है, जिसके तार सीधे तौर पर पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। यह गिरोह विदेशों से ठगी गई राशि को भारतीय खातों में खपाने और उसे सफेद करने का बड़ा खेल खेल रहा था।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल, तुरकौलिया से दबोचा गया मास्टरमाइंड
डीएसपी अभिनव पाराशर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर थाने को गुप्त सूचना मिली थी कि तनवीर आलम उर्फ हैदर नामक एक शातिर अपराधी तुरकौलिया बाजार क्षेत्र में सक्रिय है। वह एटीएम से साइबर फ्रॉड का पैसा निकालता है और फिर उसे सीडीएम (Cash Deposit Machine) के जरिए अलग-अलग खातों में भेजता है। सूचना मिलते ही डीएसपी अभिनव पाराशर ने एक त्वरित छापामारी टीम का गठन किया। टीम ने घेराबंदी कर तुरकौलिया थाना अंतर्गत शंकरसरैया पुल के पास से तनवीर आलम को हिरासत में ले लिया।
पाकिस्तानी नंबरों से चैटिंग और 14% कमीशन का खेल
पुलिसिया पूछताछ में जो खुलासे हुए, उन्होंने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। गिरफ्तार तनवीर आलम ने स्वीकार किया कि वह झारखंड के एक अन्य बड़े साइबर अपराधी मयंक भास्कर के साथ मिलकर काम करता है। तनवीर का काम ठगी के पैसों के ट्रांजैक्शन के लिए बैंक खाते, एटीएम और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराना था।
जब पुलिस ने तनवीर के मोबाइल और खातों की तकनीकी जांच की, तो उसमें 'BANK ACCOUNT SELLER SIM CARD' नाम का एक टेलीग्राम ग्रुप मिला, जहाँ बड़े पैमाने पर सिम और खातों की खरीद-बिक्री होती थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके मोबाइल में तीन व्हाट्सएप अकाउंट लॉग-इन थे, जिनमें विदेशी (पाकिस्तानी) नंबरों से स्कैनर और ट्रांजैक्शन से जुड़ी चैटिंग और ऑडियो रिकॉर्डिंग पाई गई। तनवीर ने बताया कि वह इन पैसों को ठिकाने लगाने के बदले 14 प्रतिशत कमीशन लेता था।
होटल में छापेमारी, बरामद हुए डिजिटल साक्ष्य और हथियारनुमा मशीनें
तनवीर की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर और छतौनी स्थित भवानी होटल में धावा बोला, जहाँ गिरोह का दूसरा सदस्य मयंक भास्कर रुका हुआ था। हालांकि पुलिस की दबिश देख वहां हलचल मच गई, लेकिन मौके से पुलिस ने 4 पीओएस (POS) मशीनें, 3 मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद किए हैं। बरामद किए गए खातों की जब जांच की गई, तो पता चला कि इन पर देश के विभिन्न राज्यों के साइबर पोर्टल्स पर पहले से ही कई शिकायतें दर्ज हैं।
कानूनी कार्रवाई और टीम की जांबाजी
पुलिस ने इस मामले में साइबर थाना कांड सं0-201/25 दर्ज किया है, जिसमें बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और IT Act (66C/66D) के तहत तनवीर आलम को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस गिरोह का नेटवर्क पाकिस्तान सहित अन्य देशों तक फैला हुआ है, जिसकी गहन छानबीन जारी है।
छापेमारी टीम के नायक
इस सफल ऑपरेशन का नेतृत्व डीएसपी अभिनव पाराशर कर रहे थे। टीम में इंस्पेक्टर मनीष कुमार, मुमताज आलम, सब-इंस्पेक्टर प्रत्युष कुमार विक्की, प्रियंका, शिवम सिंह और सिपाही गौतम कुमार, आनंद कुमार भारती एवं नीरज कुमार शामिल थे।







