Ad Image
Ad Image

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोतिहारी: मनचलों पर नकेल, काल बनकर दौड़ेगी अभया ब्रिगेड

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

SP स्वर्ण प्रभात का मास्टरस्ट्रोक: छेड़खानी की तो सीधे जाएंगे जेल, गुंडा रजिस्टर में दर्ज होगा नाम और हर रविवार थाने में लगेगी 'रोमियो' की परेड

पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी की सड़कों पर अब मनचलों की शामत आने वाली है। स्कूल-कॉलेज के बाहर सीटी बजाने और फब्तियां कसने वाले 'रोमियो' अब पुलिस के रडार पर हैं। जिले की बेटियों और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने अब तक का सबसे अभेद्य सुरक्षा चक्र 'अभया ब्रिगेड' को मैदान में उतार दिया है।
इस मुहिम ने जिले के उन असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा कर दिया हैं, जो सार्वजनिक स्थानों को अपना अड्डा समझते थे। अब पुलिस सिर्फ चेतावनी नहीं देगी, बल्कि मनचलों का भविष्य भी कानून के शिकंजे में होगा।

 अभया ब्रिगेड' के चक्रव्यूह में फंसेंगे अपराधी: मुख्य बिंदु
 50 स्कूटी सवार दस्ते: शहर की तंग गलियों से लेकर गांव के मुख्य चौराहों तक 50 टीमें चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेंगी।
 
गुंडा पंजी में एंट्री: पकड़े गए मनचलों का नाम पुलिस के 'गुंडा रजिस्टर' में दर्ज होगा, जिससे सरकारी नौकरी और चरित्र प्रमाण पत्र मिलना मुश्किल हो जाएगा।
 
संडे स्पेशल परेड: आरोपी युवकों को हर रविवार थाने पहुंचकर अपनी हाजिरी लगानी होगी। यह एक तरह की सामाजिक और मानसिक सजा होगी।
 
नया कानून, सख्त धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत तत्काल FIR और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

स्कूटी से 'हंटिंग' और चप्पे-चप्पे पर नजर SP स्वर्ण प्रभात ने बताया कि 'अभया ब्रिगेड' एक विशेष महिला दस्ता टीम है, जिसमें महिला और पुरुष सिपाहियों का मिश्रण है। इन्हें अत्याधुनिक स्कूटी दी गई है ताकि ये भीड़भाड़ वाले इलाकों और गलियों में आसानी से गश्त कर सकें। इनका मुख्य फोकस कोचिंग संस्थान, पार्क, स्कूल और पिकनिक स्पॉट होंगे। "हमारा उद्देश्य महिलाओं के मन से डर निकालना और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना है। जो भी युवक मर्यादा लांघेंगे, पुलिस उनके साथ कोई नरमी नहीं    बरतेगी।" स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, मोतिहारी

कार्रवाई का 'थ्री-लेयर' प्लान पुलिस की यह रणनीति तीन स्तरों पर काम करेगी, जिससे बचना नामुमकिन होगा:
काउंसलिंग व चेतावनी: पहली बार पकड़े जाने पर परिजनों को थाने बुलाकर युवक की काउंसलिंग की जाएगी।

जेल की सलाखें: गंभीर शिकायत या अनैतिक व्यवहार पाए जाने पर बिना देरी किए जेल भेजा जाएगा।
 
सामाजिक निगरानी:  दोषियों को हर हफ्ते रविवार को थाने में परेड करनी होगी ताकि उन पर पुलिस की नजर बनी रहे और वे दोबारा अपराध न करें।

SP की दो टूक: सुधर जाएं वरना पछताएंगे
खबर के माध्यम से SP ने युवाओं को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अपनी हरकतों से बाज आएं। सभी थाना प्रभारियों को 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अब मोतिहारी की सड़कों पर केवल सुरक्षा का राज होगा, और मनचलों के लिए जेल ही आखिरी ठिकाना होगा।