लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
सदर के तत्कालीन PO समेत तीन अधिकारियों को मिली 'सजा', सेवा पुस्तिका में दर्ज होगी 'काली चेतावनी'
पूर्वी चम्पारण: ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली 'मनरेगा' योजना में मची लूट खसोट पर जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। मोतिहारी सदर प्रखंड के बासमनपुर पंचायत में हुए सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) समेत तीन जिम्मेदार कर्मियों को दोषी करार देते हुए उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज होने वाली 'लिखित चेतावनी' का दंड दिया गया है।
जागृत ग्रामीणों ने खोला भ्रष्टाचार का मोर्चा
भ्रष्टाचार का यह पूरा मामला तब सामने आया जब बासमनपुर के निवासी श्री रजनीश कुमार और अन्य ग्रामीणों ने योजनाओं में हो रही धांधली के खिलाफ आवाज बुलंद की। ग्रामीणों ने लिखित आवेदन देकर प्रशासन को गड़बड़ियों से अवगत कराया था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) और कार्यपालक अभियंता की एक संयुक्त टीम गठित कर धरातल पर जांच के आदेश दिए।
जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की लापरवाही उजागर
संयुक्त टीम की जांच में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। धरातल पर काम में भारी तकनीकी और वित्तीय खामियां मिलीं। इसके बाद विभाग ने संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा था। 12 नवंबर 2025 को प्राप्त जवाबों की समीक्षा के बाद, उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार ने पाया कि इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती है।
इन पर गिरी गाज
- तरुण कुमार, तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी (PO), मोतिहारी सदर।
- सुशील कुमार श्रीवास्तव पंचायत तकनीकी सहायक।
- मुनेन्द्र कुमार,पंचायत रोजगार सेवक, बासमनपुर।
प्रशासन का संदेश, लापरवाही पड़ेगी महंगी
बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के नियमों के तहत इन सभी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य विभागों में भी खलबली मच गई है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार या कोताही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
"जनता के पैसे की पाई-पाई का हिसाब रखा जाएगा। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है।"







