लोकल डेस्क, नीतीश कुमार।
मोतिहारी, 3 जनवरी। केंद्र और बिहार सरकार की संयुक्त पहल के तहत मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये की लागत से चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण की शुरुआत हो गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के नालों से निकलने वाले गंदे पानी का उपचार कर उसका दोबारा उपयोग करना है, ताकि झीलों और तालाबों को स्वच्छ रखा जा सके।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अब तक नालों का दूषित पानी सीधे जल स्रोतों में छोड़े जाने से जल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसके बाद बिहार सरकार और मोतिहारी नगर निगम के सहयोग से इस परियोजना को अमल में लाया गया। योजना के तहत बरियारपुर, छतौनी, जमला और गोपालपुर इलाकों में चार आधुनिक एसटीपी का निर्माण तेज़ी से किया जा रहा है।
इन एसटीपी में नालों के गंदे पानी को वैज्ञानिक प्रक्रिया से शुद्ध किया जाएगा। उपचार के बाद यह पानी मोती झील समेत अन्य झीलों और तालाबों में छोड़ा जाएगा, जिससे जल स्तर बना रहेगा और पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा। ट्रीटमेंट के दौरान निकलने वाले ठोस अपशिष्ट से जैविक खाद तैयार की जाएगी, जिसे किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा।
परियोजना की निगरानी कर रहे प्रोजेक्ट इंजीनियर मिदुल साह के अनुसार, एसटीपी के निर्माण के बाद मोतिहारी में जल प्रदूषण की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अहम है और दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाने में मदद करेगी।







