लोकल डेस्क, एन के सिंह।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 115 वें स्थापना दिवस पर उद्यमियों ने पेश की हुनर की मिसाल।
पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी जिले के भवानीपुर जिरात स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (सेन्ट आरसेटी) के परिसर में रविवार को उत्साह और उमंग का माहौल रहा। अवसर था सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 115वें स्थापना दिवस का, जिसे संस्थान ने केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि स्वरोजगार की एक नई लहर के रूप में मनाया। संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सफल उद्यमियों ने 'आरसेटी मेला' लगाकर अपनी मेहनत और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।
डीडीसी ने किया शुभारंभ, उद्यमियों का बढ़ाया हौसला
मेले का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. प्रदीप कुमार ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद डॉ. कुमार ने मेले में लगे प्रत्येक स्टॉल का भ्रमण किया। उन्होंने उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बारीकी से जानकारी ली और उनके नवाचार की सराहना की। उद्यमियों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ऐसे प्रयास ही जिले की आर्थिक नींव को मजबूत करते हैं।
बैंक से मिलेगा पूरा सहयोग: अग्रणी जिला प्रबंधक
कार्यक्रम में मौजूद अग्रणी जिला प्रबंधक राजेंद्र कुमार पाण्डेय ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए आत्मविश्वास भरा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "आप निडर होकर अपना रोजगार बढ़ाएं। बैंक आपके साथ है।" उन्होंने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि अग्रणी जिला कार्यालय की ओर से उनके व्यवसाय के वित्त पोषण (लोन आदि) में हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी।
एक छत के नीचे स्वरोजगार का संगम सेन्ट आरसेटी के निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित लाभार्थियों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) को एक बाजार उपलब्ध कराना है।
प्रदर्शनी और बिक्री: मेले में हस्तशिल्प से लेकर घरेलू उत्पादों तक की विस्तृत श्रृंखला दिखी।
विविध उत्पाद: डेयरी उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, अगरबत्ती और फास्ट फूड के स्टॉल्स पर लोगों की भारी भीड़ रही।
"यह मेला केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं है, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। यहाँ की सफलता दिखाती है कि सही प्रशिक्षण से कोई भी आत्मनिर्भर बन सकता है।" — बिपिन कुमार, निदेशक (सेन्ट आरसेटी)
इस वृहत मेले ने न केवल उद्यमियों को अपनी पहचान बनाने का मंच दिया, बल्कि मोतिहारी के स्थानीय बाजार को भी एक नया आयाम प्रदान किया।







