लोकल डेस्क, एन के सिंह।
नकाबपोश अपराधियों द्वारा सुनियोजित तरीके से दो घरों में हथियार के बल पर परिवारों को काबू में लेकर लाखों की लूट की गई।
पूर्वी चंपारण : जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंपापुर गांव में मंगलवार देर रात ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गहरी नींद में डूबे गांव पर आधी रात के बाद अपराधियों ने धावा बोल दिया। हथियारों से लैस नकाबपोश डकैतों ने एक के बाद एक दो संपन्न परिवारों के घरों को निशाना बनाते हुए सुनियोजित तरीके से डकैती को अंजाम दिया। इस घटना ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे आधा दर्जन से अधिक डकैत चंपापुर गांव में दाखिल हुए। सबसे पहले उन्होंने दक्षिण नहर के किनारे स्थित धनदेव साह के घर को घेर लिया। खिड़की और दरवाजे तोड़कर घर में घुसते ही अपराधियों ने हथियार निकालकर सो रहे परिजनों को आतंकित कर दिया। घर में मौजूद लोगों को धमकी दी गई कि अगर किसी ने शोर मचाया तो जान से मार दिया जाएगा। डर और खौफ के माहौल में परिजन कुछ भी करने की स्थिति में नहीं थे।
डकैतों ने महिलाओं को अलग कमरे में बंद कर दिया और पुरुष सदस्यों को बांधकर एक कोने में बैठा दिया। इसके बाद अलमारियां, संदूक और बक्से तोड़े गए। घर का सामान बिखरा पड़ा था और हर कोना खंगाल लिया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार इस दौरान अपराधियों ने कीमती जेवर और नकदी पर खास नजर रखी।
पहले घर को निशाना बनाने के बाद डकैतों का हौसला और बढ़ गया। वे पास ही स्थित मुकेश महतो के घर में दाखिल हुए। यहां भी वही तरीका अपनाया गया। हथियार के बल पर घरवालों को काबू में किया गया और जमकर लूटपाट की गई। सुबह जब लोग जागे तो टूटे ताले, बिखरे कपड़े और खाली अलमारियां रात की भयावह कहानी बयां कर रही थीं।
पीड़ितों के मुताबिक, डकैत दोनों घरों से करीब दस से बारह लाख रुपये मूल्य के सोने चांदी के जेवर और लगभग ढाई लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। इसके अलावा मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान भी ले जाया गया। लूट के बाद अपराधी दक्षिण नहर की ओर निकल गए और अंधेरे का फायदा उठाकर गायब हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि नहर का इलाका सुनसान होने के कारण अपराधियों के लिए यह रास्ता सुरक्षित बन जाता है।
घटना की जानकारी फैलते ही चंपापुर गांव सहित आसपास के इलाके में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर गश्त होती तो इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना आसान नहीं होता। लोगों का कहना है कि जब अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है तो आम लोग कहां जाएं।
सूचना मिलने पर रामगढ़वा थाना अध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।







