लोकल डेस्क, एन के सिंह।
गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों की शहादत को नमन, युवा पीढ़ी को सिद्धांतों पर अडिग रहने का आह्वान प्रधानमंत्री मोदी की पहल से जीवंत हुआ गौरवशाली इतिहास
पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी चंपारण की धरती पर आज राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला, स्थानीय सिकारिया शिक्षण संस्थान में भाजपा युवा नेता यमुना सिकारिया के नेतृत्व में 'वीर बाल दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की वीरता को याद किया।
शहादत की गाथा: झुकना नहीं, लड़ना सीखा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यमुना सिकारिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "आज का दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि अटूट विश्वास और साहस का प्रतीक है। गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर हम उनके उन सुपुत्रों को नमन करते हैं, जिन्होंने नन्हीं सी आयु में धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।"
उन्होंने आगे कहा कि मुगलों के अत्याचार और प्रलोभन भी साहिबजादों के हौसलों को डिगा नहीं सके। वे दीवारों में चुनवा दिए गए, लेकिन सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आज की युवा पीढ़ी को इस बलिदान से यह सीखना चाहिए कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य पथ पर अडिग कैसे रहा जाता है।
प्रधानमंत्री की पहल और युवाओं का गौरव
यमुना सिकारिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि 'वीर बाल दिवस' मनाने की घोषणा ऐतिहासिक है। इससे न केवल देश के युवाओं को अपने गौरवशाली और संघर्षशील इतिहास की जानकारी मिल रही है, बल्कि उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जागृत हो रहा है।
बंगाल चुनाव: परिवर्तन का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान यमुना सिकारिया ने वर्तमान
राजनीतिक परिदृश्य पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए समस्त बंगाल वासियों से अपील की। उन्होंने कहा कि विकास और राष्ट्रवाद की धारा को मजबूत करने के लिए बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना आवश्यक है।
सफलता की गूँज
समारोह के अंत में छात्रों ने साहिबजादों की वीरता पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा संस्थान 'जो बोले सो निहाल' और 'भारत माता की जय' के नारों से गुंजायमान रहा। शिक्षकों ने भी इस आयोजन को छात्रों के चरित्र निर्माण के लिए एक मील का पत्थर बताया।







