विदेश डेस्क, ऋषि राज |
कराकास: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। वेनेजुएला के विदेश मंत्री इव्हान गिल ने आरोप लगाया है कि अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों से वांछित परिणाम न मिलने के बाद अब मनोवैज्ञानिक युद्ध का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन सरकार वेनेजुएला के खिलाफ लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिनका उद्देश्य देश की सामाजिक स्थिरता और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना है।
राजधानी कराकास में आयोजित ‘पीपुल्स असेम्बली फॉर पीस एंड सॉवरेनिटी ऑफ अवर अमेरिका (महाद्वीप)’ कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान गिल ने कहा कि अमेरिका की नीतियां अब सीधे मनोवैज्ञानिक दबाव पर केंद्रित हो गई हैं। उनके अनुसार, "अमेरिका पहले हमारे खिलाफ आर्थिक युद्ध में असफल हुआ, अब वे सेना से लेकर समाज तक मनोवैज्ञानिक दवाब बनाने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि अमेरिकी मीडिया, सोशल प्लेटफॉर्म्स और कूटनीतिक गतिविधियों के माध्यम से ऐसी कथाएं गढ़ी जा रही हैं जिनका उद्देश्य वेनेजुएला के अंदर अस्थिरता पैदा करना है। गिल ने दावा किया कि यह रणनीति अमेरिका द्वारा लैटिन अमेरिकी देशों पर नियंत्रण स्थापित करने की व्यापक नीति का हिस्सा है।
विदेश मंत्री ने बताया कि मनोवैज्ञानिक युद्ध का मुख्य लक्ष्य वेनेजुएला की जनता के मन में असंतोष, भय और अविश्वास उत्पन्न करना है, ताकि सरकार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कमजोर साबित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने प्रभाव का उपयोग कर वेनेजुएला की राजनीतिक प्रणाली को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।
गिल ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों से कहा कि वेनेजुएला इन दबावों से निपटने में सक्षम है और जनता सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मनोवैज्ञानिक युद्ध वेनेजुएला की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि लैटिन अमेरिकी देशों को एकजुट होकर ऐसे बाहरी हस्तक्षेपों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने इस अवसर पर यह भी जोर दिया कि क्षेत्रीय सहयोग ही किसी भी विदेशी प्रतिरोध का सबसे प्रभावी जवाब है। गिल ने कहा कि वेनेजुएला अपने मित्र देशों के साथ मिलकर शांति, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह रणनीति नई नहीं है, लेकिन वेनेजुएला इसके खिलाफ मजबूत और तैयार है।







