संसद का शीतकालीन सत्र सबसे छोटा होगा, विपक्ष ने 5 बड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की है,
नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी |
नई दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि कल से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र अब तक का सबसे छोटा सत्र साबित होगा। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि 19 दिन का यह सत्र महज 15 दिन ही चर्चा के लिए बचेगा और सरकार इसे जानबूझकर पटरी से उतारना चाहती है।
विपक्ष की पांच बड़ी मांगें
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने पांच अहम मुद्दों पर तुरंत चर्चा कराने की मांग रखी:
- राष्ट्रीय सुरक्षा: दिल्ली में हालिया बम धमाके के बाद देश की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा।
- लोकतंत्र की सुरक्षा: चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए मतदाता सूची की शुद्धता पर बहस।
- वायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में बढ़ते जहरीले धुएं पर तत्काल चर्चा।
- किसानों की आर्थिक सुरक्षा: फसल का उचित दाम नहीं मिलने और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा का मुद्दा।
- विदेश नीति: रूस से तेल खरीदने पर दबाव और रक्षा क्षेत्र में दूसरे देशों की तर्ज पर निवेश न करने का सवाल।
गोगोई ने कहा, “विपक्ष एकजुट है। हम संसद को सिर्फ एक व्यक्ति की जय-जयकार के लिए नहीं चलने देंगे।”
सरकार बोली; ठंडे दिमाग से काम करें
दूसरी तरफ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से शीतकालीन सत्र में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “शीतकालीन सत्र है, इसलिए सभी सांसद ठंडे दिमाग से काम करें। गर्म बहस से बचें। हम विपक्ष की हर बात को सुनने को तैयार हैं।”
रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से आज ज्यादा बोलने की बजाय सिर्फ विपक्ष की बात सुनी जाएगी।
14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश होंगे
अपना दल (एस) की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि इस सत्र में सरकार 14 अहम विधेयक पेश करेगी। इनमें सिविल न्यूक्लियर दायित्व और बीमा क्षेत्र से जुड़े विधेयक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी विधेयकों पर विस्तृत चर्चा होगी और हर दल को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक विपक्ष खासकर मतदाता सूची संशोधन (SIR) और BLO की आत्महत्या की खबरों को लेकर हमलावर रहेगा। सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में पहले दिन से ही हंगामा तय माना जा रहा है।







