नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: वर्ष 2001 में आज ही के दिन संसद पर हुए आतंकवादी हमले की 24वीं बरसी पर शनिवार को देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस हमले में शहीद हुए सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संकल्प लिया और कहा कि देश की सुरक्षा और एकता के लिए शहीद हुए जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, अनेक केंद्रीय मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित थे। सभी ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके योगदान को याद किया।
लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह और राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदीन ने भी शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को एकजुट रहना होगा और हर स्तर पर सुरक्षा बलों का समर्थन करना होगा। उन्होंने शहीदों के बलिदान को राष्ट्र की सुरक्षा और विकास के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
समारोह में उपस्थित सभी नेताओं ने शहीद परिवारों के साथ खड़े रहने का वादा किया और कहा कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद सभी ने राष्ट्रगान गाकर इस अवसर को भावपूर्ण बनाया। इस हमले में शहीद हुए सुरक्षा कर्मियों की वीरता को याद करते हुए देश ने उनके सम्मान में एक मिनट का मौन भी रखा।
देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस अवसर पर यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाना चाहिए। शहीदों की याद में आयोजित इस कार्यक्रम ने देश की सुरक्षा और एकजुटता के प्रति सभी को प्रेरित किया।







