विदेश डेस्क, ऋषि राज
रियाद: सऊदी अरब ने पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए इस साल अब तक 24 हजार पाकिस्तानियों को देश से बाहर निकाल दिया है। सऊदी सरकार का आरोप है कि ये लोग उमरा और टूरिस्ट वीजा का दुरुपयोग कर सऊदी अरब पहुंचे थे और वहां सड़कों पर भीख मांगने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए। इस कार्रवाई को पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
सऊदी अरब की इस सख्त कार्रवाई की जानकारी पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के महानिदेशक रिफ्फत मुख्तार ने संसद की एक समिति को दी। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक धार्मिक यात्रा के नाम पर सऊदी अरब जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचकर वे भीख मांगने और अवैध गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। FIA के अनुसार, ऐसे मामलों के कारण पाकिस्तान की छवि विदेशों में लगातार खराब हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये पाकिस्तानी नागरिक खासतौर पर मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों के आसपास भीख मांगते पाए गए। सऊदी प्रशासन का कहना है कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक स्थलों की गरिमा के भी खिलाफ है। इसी वजह से सऊदी अरब ने निगरानी कड़ी कर दी और बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए हजारों लोगों को डिपोर्ट कर दिया।
सऊदी अरब पहले ही साफ कर चुका है कि वह भीख मांगने, अवैध रोजगार और वीजा उल्लंघन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके तहत सुरक्षा एजेंसियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं, ताकि ऐसे लोगों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर खाड़ी देशों में चिंता जताई गई हो। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा आवेदन खारिज किए थे। इसके पीछे भी अवैध गतिविधियों और वीजा नियमों के उल्लंघन को कारण बताया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर नुकसानदायक हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों पर निर्भर पाकिस्तान के लिए खाड़ी देशों में भरोसे की कमी गंभीर समस्या बन सकती है।
वहीं, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और मानव तस्करी, संगठित भीख मांगने के नेटवर्क और वीजा दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। FIA ने आश्वासन दिया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ देश के भीतर भी जांच तेज की जाएगी, ताकि भविष्य में पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को और नुकसान न पहुंचे।







