लोकल डेस्क, नीतीश कुमार।
दरौंदा। एग्री-स्टैक परियोजना के अंतर्गत प्रखंड में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कैम्प के माध्यम से किया जा रहा है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी राम वीर सिंह यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का प्रथम चरण 06 जनवरी 2026 से 09 जनवरी 2026 तक तथा द्वितीय चरण 18 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
बुधवार को प्रखंड के रामगढ़ा, रमसापुर, सिरसांव, कोडारीकला, शेरही, पकवलिया, पिनर्थु खुर्द एवं जलालपुर पंचायतों में कैम्प लगाए गए। इन कैम्पों के माध्यम से लगभग 360 किसानों का केवाईसी तथा 80 किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन किया गया।
सिरसांव पंचायत में लगे कैम्प का निरीक्षण डीडीसी मुकेश कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का सहज, पारदर्शी एवं त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया गया है। इसके तहत प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी बनाई जाएगी, जिसमें भूमि से संबंधित विवरण एवं आधार संख्या को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाएगा। बिहार भूमि डाटाबेस के आधार पर राजस्व ग्रामवार जमाबंदी का ऑनलाइन बकेट तैयार कर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है।
कृषि समन्वयक रामप्रीत गुप्ता ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैम्प में भाग लेना होगा। इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल या ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा ई-केवाईसी सत्यापन एवं भूमि संबंधी दावा करना आवश्यक है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, भूमि से संबंधित लगान रसीद एवं सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक दस्तावेज हैं।
बीडीओ शिम्पी कुमारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण होने के बाद किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री में सहूलियत, फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक मुआवजा, प्रत्येक किसान की डिजिटल पहचान तथा पीएम किसान योजना सहित अन्य योजनाओं का निर्बाध लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर आरओ स्वर्णिका चंद्रा, कृषि सलाहकार बलवंत कुमार राम सहित अन्य संबंधित कर्मी मौजूद रहे।







