Ad Image
Ad Image

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

साइबर अपराधियों के लिए काल बना मोतिहारी साइबर थाना

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

वर्ष 2025 में दर्ज की सफलता की नई इबारत। डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष अभिनव पाराशर के नेतृत्व में टूटा अपराध का नेटवर्क, 3.77 करोड़ रुपये कराए होल्ड, 91 शातिर गिरफ्तार

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के लिए बीता वर्ष 2025 साइबर सुरक्षा के नजरिए से 'उपलब्धियों का वर्ष' साबित हुआ है। पुलिस उपाध्यक्ष सह साइबर थानाध्यक्ष अभिनव पाराशर के कुशल नेतृत्व में जिले की साइबर पुलिस ने न केवल राज्य स्तर पर, बल्कि देशव्यापी साइबर गिरोहों का पर्दाफाश कर डिजिटल अपराध की कमर तोड़ दी है। 'डिजिटल अरेस्टिंग' से लेकर 'फर्जी वीजा' और 'बोसगिरी' जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में मोतिहारी पुलिस ने जो सफलता हासिल की है, उसने पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल कायम की है।

आंकड़ों की जुबानी, 2024 के मुकाबले 3 गुना ज्यादा कार्रवाई

वर्ष 2025 में मोतिहारी साइबर थाने की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ कुल 201 कांड दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक हैं।

  • कुल प्राप्त शिकायतें: 5616 (ऑनलाइन व ऑफलाइन)
  • होल्ड कराई गई राशि, 3,77,71,123 (3.77 करोड़ से अधिक)
  • रिफंड की गई राशि, 1,08,18,717 (1.08 करोड़ से अधिक)
  • कुल फ्रॉड का खुलासा, 15,56,54,391 का मामला सामने आया।
  • अरेस्टिंग में बनाया रिकॉर्ड, 5 से पहुँचे 91 पर

जहाँ वर्ष 2023-24 में कुल गिरफ्तारियों की संख्या महज 5 थी, वहीं 2025 में अभिनव पाराशर की टीम (इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और तकनीकी स्टाफ) ने दिन-रात एक कर 91 शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा। ये गिरफ्तारियां न केवल बिहार, बल्कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से भी की गई हैं।

बड़ी उपलब्धियां, 'बॉस गिरोह' और 'डिजिटल अरेस्ट' पर प्रहार

  • बॉस गिरोह का खात्मा, पुलिस ने 'बॉस' लिखी मॉडिफाइड गाड़ियां और ₹40 लाख नकद बरामद कर इस गिरोह को ध्वस्त किया। साथ ही भारी मात्रा में देसी रिवाल्वर और राइफलें भी जब्त की गईं।
  • डिजिटल अरेस्टिंग: 56 लाख के बड़े फ्रॉड सहित डिजिटल अरेस्टिंग के मामलों में 3 मुख्य गिरफ्तारियां की गईं।
  • फर्जी दस्तावेज कारखाना: भारी मात्रा में फेक फिंगरप्रिंट बनाने के यंत्र, फर्जी आधार, राशन कार्ड और पैन कार्ड बरामद कर एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया।
  • अश्लील कंटेंट पर नकेल: फेसबुक पर अश्लील सामग्री वायरल करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाकर 8 कांड दर्ज किए गए।
  • फर्जी वीजा रैकेट: हाल ही में लखनऊ से की गई गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे फर्जी वीजा गिरोह के तार काटे हैं। सिर्फ पुलिसिंग नहीं, जन-जागरूकता भी है हथियार

थानाध्यक्ष अभिनव पाराशर ने बताया कि हम केवल अपराधी पकड़ने तक सीमित नहीं हैं। 'साइबर सुरक्षित मोतिहारी' मुहिम के तहत टीम हर पंचायत, स्कूल और कॉलेज (जैसे माउंट लिट्रा, इंजीनियरिंग कॉलेज) तक पहुँच रही है। अब तक 12 प्रमुख स्थानों पर बड़े जागरूकता अभियान चलाए गए हैं, जहाँ लोगों को फोन सेटिंग्स और डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं।

"2025 हमारी टीम के सामूहिक प्रयास, समर्पण और तकनीक के सही इस्तेमाल का परिणाम रहा है। 2026 में हमारा लक्ष्य तकनीक को और उन्नत बनाना और हर नागरिक को साइबर ठगी से बचाना है।" अभिनव पाराशर, डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष, मोतिहारी

मोतिहारी साइबर थाना आज अपनी मुस्तैदी के कारण अपराधियों के बीच खौफ और आम जनता के बीच भरोसे का प्रतीक बन चुका है। आने वाले समय में 2026 के लिए पुलिस ने और भी कड़े सुरक्षा इंतजामों की रूपरेखा तैयार कर ली है।