लोकल डेस्क, आर्या कुमारी |
सिवान: पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के सामुदायिक रेडियो स्टेशनों का महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सम्मेलन असम के गोहाटी में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों—बिहार, झारखंड, उड़ीसा, मणिपुर, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सामाजिक विकास, जन-जागरूकता, आपदा संचार, स्थानीय संस्कृति संरक्षण और सामुदायिक समस्याओं के समाधान में सामुदायिक रेडियो की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।
बिहार की ओर से सिवान स्थित सामुदायिक रेडियो रेडियो स्नेही 90.4 FM के संचालक माधुसूदन पंडित को विशेष आमंत्रण मिला। उन्हें सम्मेलन में जूरी सदस्य और पैनल डिस्कशन के पैनलिस्ट के रूप में शामिल किया गया। यह उपलब्धि न केवल रेडियो स्नेही के लिए, बल्कि बिहार के सामुदायिक रेडियो आंदोलन के लिए भी गौरव का विषय रही। श्री पंडित की सक्रिय सहभागिता ने प्रदेश के सामुदायिक संचार तंत्र की बढ़ती विश्वसनीयता और प्रभाव को रेखांकित किया।
रेडियो स्नेही के जनसंपर्क अधिकारी नवीन सिंह परमार ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार और IIMC, दिल्ली द्वारा किए गए सम्मान और विश्वास के लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि रेडियो स्नेही हमेशा से अपने सामुदायिक दायित्वों को प्राथमिकता देता आया है और सिवान की सामाजिक, सांस्कृतिक व लोक परंपराओं के संरक्षण में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
श्री परमार ने बताया कि रेडियो स्नेही ने किसानों, महिलाओं, युवाओं, स्थानीय कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का मंच प्रदान किया है। यही वजह है कि आज रेडियो स्नेही सिवान के सामाजिक विकास का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।
गोहाटी में आयोजित यह सम्मेलन सामुदायिक रेडियो की बढ़ती शक्ति और समाज में इसकी प्रासंगिकता को और अधिक मजबूत करता है।







