विदेश डेस्क, ऋषि राज
सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में बोंडी बीच पर हनुक्का त्योहार मना रहे यहूदियों पर हुई भीषण गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले के आरोप में पाकिस्तानी मूल के पिता-पुत्र—50 वर्षीय साजिद अकरम और 24 वर्षीय नवीद अकरम की पहचान हुई है। रविवार शाम हुई इस वारदात में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 42 से अधिक घायल अस्पतालों में इलाजरत हैं। मृतकों में 10 वर्ष से लेकर 87 वर्ष तक के लोग शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान साजिद अकरम की मौत हो गई, जबकि नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और पुलिस की कड़ी निगरानी में है। जांच में सामने आया है कि साजिद 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था और बाद में वहीं बस गया। उसके पास वर्ष 2015 से वैध गन लाइसेंस था, वह एक गन क्लब का सदस्य भी था और उसके नाम छह पंजीकृत हथियार दर्ज थे। हमले में इन्हीं लाइसेंसी हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की कार से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो झंडे बरामद किए हैं, जिससे हमले के आतंकी एंगल की आशंका गहराई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हमले का स्पष्ट मकसद अभी जांच का विषय है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नवीद अकरम पहले भी ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी ASIO के रडार पर रहा है। छह वर्ष पहले सिडनी स्थित ISIS नेटवर्क से कथित संबंधों को लेकर उसकी जांच की गई थी। जुलाई 2019 में ISIS के एक स्वयंभू कमांडर एल. मतारी की गिरफ्तारी के बाद भी नवीद का नाम सामने आया था। मतारी फिलहाल सात साल की सजा काट रहा है।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार गन कानूनों को और सख्त करेगी तथा एक राष्ट्रीय फायरआर्म्स रजिस्टर पर काम तेज किया जाएगा, ताकि हथियारों की संख्या और लाइसेंस की वैधता पर कड़ा नियंत्रण हो सके। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने खुफिया विफलता के आरोपों से इनकार किया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग से बातचीत कर पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को भारत का पूर्ण समर्थन दोहराया। पुलिस अब पिता-पुत्र की हालिया गतिविधियों, नवंबर में फिलीपींस यात्रा और किराये के कमरे से बरामद हथियारों की गहन जांच कर रही है।







