एंटरटेनमेंट डेस्क, वेरॉनिका राय |
फ़िल्ममेकर का संघर्ष, सफलता और निजी जीवन बड़े पर्दे पर: सिद्धांत चतुर्वेदी करेंगे दिग्गज फिल्ममेकर वी. शांताराम की बायोपिक में मुख्य भूमिका
बॉलीवुड में एक और दमदार बायोपिक बनने जा रही है इस बार कहानी है भारतीय सिनेमा के महान निर्देशक वी. शांताराम की, जिन्होंने ‘नवरंग’, ‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘डॉ. कोटनीस की अमर कहानी’ जैसी क्लासिक फिल्मों से भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बड़े प्रोजेक्ट में शांताराम का किरदार निभाने जा रहे हैं सिद्धांत चतुर्वेदी। पहली बार सिद्धांत किसी दिग्गज फिल्म पर्सनैलिटी का किरदार निभाएंगे, और इसके लिए वे पूरी तरह से तैयारियों में जुट चुके हैं।
सिद्धांत चतुर्वेदी का लुक टेस्ट और तैयारी
फिल्म से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सिद्धांत चतुर्वेदी का लुक टेस्ट हो चुका है, और टीम उनके लुक व बॉडी लैंग्वेज को बेहतर बनाने पर लगातार काम कर रही है।
- वे शांताराम के दौर और व्यक्तित्व को समझने के लिए उनकी पुरानी फिल्में, इंटरव्यू और पर्सनल डॉक्यूमेंट्री देख रहे हैं।
- सिद्धांत को उनके वजन, हेयरस्टाइल और बॉडी पोश्चर में भी बड़ा बदलाव लाना होगा, क्योंकि शांताराम की छवि काफी अलग थी।
- फिल्म से जुड़े लोग कहते हैं कि सिद्धांत इस रोल के लिए गहरी रिसर्च और एक्टिंग वर्कशॉप्स कर रहे हैं।
यह बायोपिक सिद्धांत के करियर का सबसे बड़ा और सबसे परफॉर्मेंस-ड्रिवन रोल माना जा रहा है।
फिल्म को बनाएंगे किरण शांताराम
सबसे खास बात यह है कि फिल्म का निर्माण वी. शांताराम के बेटे किरण शांताराम कर रहे हैं। इससे कहानी को असली और गहराई से प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। फिल्म शांताराम के 70 साल के लंबे सिनेमाई सफर, उनके संघर्ष, शुरुआती दिनों की मुश्किलें, और एक आइकन बनने की कहानी को दर्शाएगी।
कहानी में क्या–क्या दिखाया जाएगा?
शांताराम का जीवन बेहद घटनापूर्ण रहा है—इसलिए फिल्म में कई प्रमुख पहलुओं पर फोकस होगा:
सिनेमा के लिए जुनून
किस तरह शांताराम ने तकनीकी और क्रिएटिव एक्सपेरिमेंट्स कर हिंदी सिनेमा को नई दिशा दी—इसे विस्तार से दिखाया जाएगा।
संघर्ष के साल
पैसों की कमी, स्टूडियोज़ का बनना–बिगड़ना और कठिनाइयों के बावजूद फिल्मों को पूरा करना—ये सब हिस्सा होंगे।
दिग्गज फिल्मों का सफर
‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘नवरंग’ और अन्य फिल्मों के बनने की कहानी भी सामने आएगी।
निजी जीवन से जुड़ी घटनाएं
उनकी तीन शादियां, रिश्तों में उतार-चढ़ाव और निजी जीवन में आए तूफ़ान भी शामिल किए जाएंगे। हालांकि, परिवार ने साफ किया है कि कहानी को संवेदनशील और सम्मानजनक तरीके से पेश किया जाएगा।
फरदीन खान भी होंगे अहम भूमिका में
इस बायोपिक में फरदीन खान की भी वापसी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि उन्हें फिल्म मेंएक महत्वपूर्ण कैरेक्टर के लिए साइन किया गया है। उनका रोल अभी गुप्त रखा गया है।
शूटिंग कब शुरू होगी?
फिल्म की प्री-प्रोडक्शन टीम इस समय अंतिम चरण में है।
- शूटिंग लगभग दो महीने बाद शुरू होने की उम्मीद है।
- फिल्म को बड़े स्केल पर बनाया जाएगा, ताकि उस दौर के सेट, स्टूडियोज़, कॉस्ट्यूम्स और कैमरा तकनीक को असली अंदाज़ में दिखाया जा सके।
क्या शाहरुख खान करने वाले हैं कोरियन फिल्म?
इसी बीच एक और चर्चा तेज़ है कि ‘किंग’ के बाद शाहरुख खान एक दक्षिण कोरियाई निर्देशक Hyunwoo Thomas Kim की फिल्म कर सकते हैं। हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर अभी तक SRK या प्रोडक्शन हाउस की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आमिर खान–राजकुमार हिरानी वाली दादासाहेब फाल्के बायोपिक क्यों रुकी?
आमिर खान और राजकुमार हिरानी की दादासाहेब फाल्के बायोपि कई कारणों से फिलहाल शेल्व हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार:
- स्क्रिप्ट पर लंबे समय तक सहमति नहीं बन सकी।
- बजट और स्केल को लेकर भी अंतर था।
- आमिर खान अपनी फिल्मों को लेकर बेहद चयनात्मक हैं, इसलिए फ़ाइनल ड्राफ्ट तैयार न होने तक प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाया गया।







