नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय
अमृतसर/नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है। कांग्रेस पार्टी से प्राथमिक सदस्यता से निलंबित होने के कुछ ही दिनों बाद हुई इस मुलाकात ने राज्य के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। सोशल मीडिया पर गडकरी के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए डॉ. सिद्धू ने उनकी जमकर तारीफ की, जिसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में घर वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने इस मुलाकात को अमृतसर के विकास से जुड़ा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह अमृतसर के रुके हुए प्रोजेक्ट्स, विशेषकर बाईपास के अधूरे काम और शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री से मिली थीं। उन्होंने नितिन गडकरी को एक "अद्भुत इंसान" और समस्याओं का तत्काल समाधान करने वाला नेता बताया। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुलाकात के मायने केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं हैं। जिस गर्मजोशी के साथ उन्होंने गडकरी की सराहना की, वह उनके भविष्य के राजनीतिक कदम की ओर इशारा कर रही है।
गौरततलब है कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को हाल ही में पंजाब कांग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई उनके उस विवादित बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने दावा किया था कि "पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देना पड़ता है।" उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर और बाहर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन पर कार्रवाई की। निलंबन के बाद से ही सिद्धू परिवार और कांग्रेस के बीच दूरियां बढ़ती नजर आ रही थीं।
नवजोत कौर सिद्धू और उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू का पुराना नाता बीजेपी से रहा है। नवजोत कौर पहले भी बीजेपी की विधायक और पंजाब सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रह चुकी हैं। 2016 में उन्होंने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। अब जबकि वह कांग्रेस से बाहर हैं और पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में बीजेपी के कद्दावर नेता से उनकी मुलाकात को "संकेत" के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक बीजेपी में शामिल होने की कोई पुष्टि नहीं की गई है।
सिद्धू परिवार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। नवजोत कौर सिद्धू ने पहले भी संकेत दिए थे कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू सक्रिय राजनीति में तभी लौटेंगे जब उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी (जैसे मुख्यमंत्री पद का चेहरा) दी जाएगी। अब कांग्रेस के साथ तनाव और बीजेपी नेताओं के साथ बढ़ती नजदीकी यह संकेत दे रही है कि पंजाब की राजनीति में जल्द ही कोई नया "धमाका" हो सकता है। क्या सिद्धू दंपत्ति फिर से कमल का फूल थामेंगे या किसी नए विकल्प की तलाश करेंगे, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।







