लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में महिला थाना से जुड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है, जहां जमानत दिलाने के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में एक होमगार्ड जवान को निगरानी विभाग ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निगरानी विभाग के अनुसार, महिला थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर ममता कुमारी और होमगार्ड जवान योगेंद्र साह पर एक व्यक्ति से मामले में मदद और जमानत दिलाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच कराई, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई।
जांच के बाद 12 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई और 13 दिसंबर को ट्रैप की कार्रवाई की गई। निगरानी डीएसपी आसिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में गठित टीम ने महिला थाना के बाहर एक चाय की दुकान पर योगेंद्र साह को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी को टीम अपने साथ ले गई।
निगरानी विभाग ने बताया कि शिकायतकर्ता डुमरा थाना क्षेत्र के माधोपुर रोशन उर्फ भीसा निवासी पद्मकांत झा हैं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके और उनके परिजनों को जमानत दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे थे। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी को पूछताछ के बाद मुजफ्फरपुर निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2025 में अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ 109 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 89 मामले ट्रैप से जुड़े हैं। इन मामलों में कुल 97 लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है और अब तक 35.31 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।







