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स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही पर डीडीसी सख्त

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

कम उपलब्धि वाले केंद्रों से मांगा स्पष्टीकरण। मोतिहारी सदर, घोड़ासहन, पकड़ीदयाल, बनकटवा और रामगढ़वा में प्रसवपूर्व जांच में गिरावट ।

पूर्वी चंपारण: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा भवन में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सूचकांकों में जिला किसी भी सूरत में राज्य के औसत से पीछे नहीं रहना चाहिए।

"समय पर ओपीडी और शत-प्रतिशत डेटा अपडेशन"

डीडीसी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि चिकित्सक समय पर ओपीडी सेवा देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले हर मरीज का 'वायटल जांच' (ब्लड प्रेशर, पल्स आदि) अनिवार्य रूप से हो और उनका ऑनलाइन कंसल्टेशन (भव्या पोर्टल) सुनिश्चित किया जाए।

अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो। उनका वेटिंग टाइम कम करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें सरकार द्वारा देय सभी सुविधाएं सहजता से मिलें: डॉ. प्रदीप कुमार, उप विकास आयुक्त

लापरवाही पर गिरी गाज: स्पष्टीकरण और विभागीय कार्रवाई

समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के आंकड़ों में विसंगति पाए जाने पर डीडीसी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। अरेराज, घोड़ासहन और तेतरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, परिवार नियोजन और एएनसी (प्रसवपूर्व जांच) में खराब प्रदर्शन करने वाले केंद्रों को चेतावनी दी गई है कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित कर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रखंडवार प्रदर्शन की स्थिति

बैठक में विभिन्न प्रखंडों की उपलब्धियों की तुलना की गई:

सुगौली, आदापुर और बंजरिया प्रखंडों ने एएनसी जांच में बेहतरीन प्रदर्शन किया। संस्थागत प्रसव में मधुबन, चकिया और तुरकौलिया की स्थिति बेहतर पाई गई। वही मोतिहारी सदर, घोड़ासहन, पकड़ीदयाल, बनकटवा और रामगढ़वा में प्रसवपूर्व जांच में गिरावट दर्ज की गई। संस्थागत प्रसव के मामले में ढाका, कोटवा और हरसिद्धि जैसे प्रखंडों को लक्ष्य सुधारने का निर्देश दिया गया।

डिजिटल डेटा और परिवार नियोजन पर जोर

बैठक में भव्या, HMIS और FPLMIS पोर्टल पर सही डेटा अपलोड करने पर विशेष चर्चा हुई। PSI इंडिया द्वारा परिवार नियोजन के आंकड़े पेश किए गए, जिसमें महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी और 'अंतरा' इंजेक्शन की प्रगति की समीक्षा की गई। डीडीसी ने निर्देश दिया कि परिवार नियोजन की सामग्री का वितरण केवल पोर्टल के माध्यम से हो ताकि सप्लाई चैन पारदर्शी बनी रहे।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. शरद चन्द्र शर्मा, एसीएमओ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के एमओआईसी (MOIC) और पीएसआई इंडिया, पिरामल व सी3 के प्रतिनिधि उपस्थित थे। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक नसबंदी सेवाओं पर विशेष जोर दिया।