स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण और शोक प्रस्ताव के बाद अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र की शुरुआत संयुक्त बैठक से हुई, जिसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने विकास, सुशासन और जनकल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
अभिभाषण के बाद हाल ही में दिवंगत हुए सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव लाया गया। इसके उपरांत दिनभर की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। हालांकि, संयुक्त सत्र के बाद विधान परिषद और विधानसभा की अलग-अलग बैठकें आयोजित हुईं, जिनमें पीठासीन अधिकारियों के नामों की घोषणा की गई और बजट सत्र के संचालन के लिए कार्यमंत्रणा समिति का गठन किया गया। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण भी दोनों सदनों के पटल पर रखा गया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सभी सदस्यों का स्वागत किया और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह बजट सत्र लगभग एक महीने तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों के दौरान विभिन्न विभागों के बजट पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने और रचनात्मक चर्चा के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।
विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी सदस्यों से अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधानमंडल सार्वजनिक मुद्दों पर सार्थक बहस का सर्वोत्तम मंच है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी चर्चा होगी। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि विकास योजनाओं की गति तेज करने और उन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष फोकस रहेगा।







