विदेश डेस्क, ऋषि राज
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर बनी सकारात्मक उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजारों में नई ऊर्जा भर दी। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को तेज़ी के साथ हुई, जहां प्रमुख सूचकांकों में मजबूती देखी गई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 343.77 अंकों की बढ़त के साथ 77,257.27 पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें और तेजी आई और खबर लिखे जाने तक यह 813.04 अंक यानी 1.06 प्रतिशत चढ़कर 77,726.54 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी 66 अंकों की मजबूती के साथ 24,063.55 पर खुला और बाद में 241.20 अंक (1.01 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 24,238.75 पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावना ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक संकेत दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नए प्रस्ताव की सराहना और बातचीत के संकेतों ने निवेशकों के मनोबल को मजबूत किया है। इसका असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय बाजारों पर भी साफ देखा गया।
सेक्टोरल स्तर पर भी व्यापक खरीदारी देखने को मिली। ऑटो, रियल्टी, रसायन और एफएमसीजी सेक्टर में सबसे अधिक तेजी रही। इसके अलावा बैंकिंग, वित्त और धातु क्षेत्र के शेयरों में भी अच्छी मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम लेने की प्रवृत्ति दिखाई, जिससे बाजार में चौतरफा उछाल देखने को मिला।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में मारुति सुजुकी के शेयर करीब साढ़े चार प्रतिशत तक चढ़े, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर में भी चार प्रतिशत के आसपास की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स और एलएंडटी जैसे शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली, जिसने बाजार की रफ्तार को बनाए रखा।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है और कूटनीतिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठते हैं, तो बाजार में यह सकारात्मक रुख आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी जा रही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का प्रभाव बाजार की दिशा को तेजी से बदल सकता है।
कुल मिलाकर, शांति वार्ता की उम्मीदों ने बाजार को मजबूती दी है और आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें वैश्विक घटनाओं पर टिकी रहेंगी।







