Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव ठुकराया, ईरान ने वार्ता से किया साफ इनकार

विदेशडेस्क, श्रेयांश पराशर l

वॉशिंगटन l पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका द्वारा संघर्ष समाप्त करने के लिए भेजे गए 15-सूत्रीय प्रस्ताव को ईरान ने खारिज कर दिया है। यह प्रस्ताव 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल माना जा रहा था, लेकिन तेहरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुंचाया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स और समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी सूत्रों के हवाले से इस योजना की पुष्टि की है। हालांकि, किसी भी सरकार ने आधिकारिक रूप से इस दस्तावेज को सार्वजनिक नहीं किया है।

करीब चार सप्ताह पहले “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली शहरों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए, साथ ही अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को भी प्रभावित किया गया, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है।

इजरायल द्वारा ईरान और लेबनान में भी हमले जारी हैं। तेल अवीव के चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में अमेरिकी मांगों और संभावित रियायतों का खाका शामिल था। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि दोनों पक्ष 15 बिंदुओं पर सहमत हो सकते हैं, जिसमें ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता भी शामिल है।

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने इन रिपोर्टों को “फर्जी” बताते हुए कहा कि वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद फिलहाल समाधान की संभावना अनिश्चित बनी हुई है।