Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ट्रंप की सख्ती

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

वाशिंगटन: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाते हुए ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा कि जब तक वाशिंगटन अपने सभी रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्रीय हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई है जब ईरान पर संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मिसाइल और ड्रोन हमलों में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अमेरिकी खून की कीमत चुकानी होगी” और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में ईरान से जुड़े ठिकानों पर व्यापक और समन्वित हमले किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर और हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया। हालांकि हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

इस बीच, ईरान ने इन हमलों को आक्रामक कार्रवाई करार देते हुए कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। क्षेत्र में सायरन बजने, हवाई हमलों की चेतावनी और सुरक्षा अलर्ट जारी होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं।