स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
गोपालगंज : मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक अनंत सिंह ने सोमवार को गोपालगंज की एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। उनके साथ भोजपुरी गायक गुंजन सिंह ने भी अदालत में सरेंडर किया। दोनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से विशेष न्यायाधीश सह एसीजेएम प्रथम अमरेंद्र कुमार राज की अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें अश्लील डांस और हथियार लहराने के वायरल वीडियो से जुड़े मामले में नियमित जमानत प्रदान कर दी। इससे पहले इसी मामले में दोनों को 15 जून को अग्रिम जमानत मिल चुकी थी।
यह मामला 2 मई 2026 को गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव में आयोजित एक उपनयन संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान बने कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें एक वीडियो में अनंत सिंह महिला कलाकारों के अश्लील गीतों पर हो रहे नृत्य को देखते दिखाई दिए, जबकि दूसरे वीडियो में कुछ लोगों को खुलेआम हथियार लहराते हुए देखा गया। वायरल वीडियो के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी चर्चा बटोरी।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और उसकी सत्यता की जांच कराई। जांच में वीडियो सही पाए जाने पर मीरगंज थाने में अनंत सिंह, गुंजन सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई, जिसने पूरे घटनाक्रम की जांच अपने हाथ में ले ली।
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक की गिरफ्तारी की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि, अनंत सिंह और गुंजन सिंह ने अदालत का रुख करते हुए अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए 15 जून को अग्रिम जमानत दे दी थी। इसके बाद दोनों सोमवार को अदालत में उपस्थित हुए, आत्मसमर्पण किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें नियमित जमानत भी मिल गई।
वायरल वीडियो को लेकर अनंत सिंह ने पहले स्वीकार किया था कि वह उक्त कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उनका कहना था कि वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाच-गाना चल रहा था तथा ऐसे आयोजनों में लोग आनंद लेने के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा था कि नाच-गाना कोई गलत बात नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी नाराजगी जताते हुए कहा था कि जनप्रतिनिधि होने का मतलब यह नहीं कि वे किसी कार्यक्रम में शामिल होकर मनोरंजन भी न कर सकें।
हालांकि, हथियार लहराने वाले वीडियो को लेकर अनंत सिंह ने खुद को अनभिज्ञ बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उनका इससे कोई लेना-देना है। अब अदालत से नियमित जमानत मिलने के बाद मामले की आगे की जांच सीआईडी की ओर से जारी रहेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।







