इंस्टाग्राम EDITS में कमाल: एक क्लिक में 15 भाषाओं में कैप्शन, नया AI अपडेट लाया क्रांति
टेक्नोलॉजी डेस्क, मुस्कान कुमारी।
इंस्टाग्राम ने अपने वीडियो एडिटिंग ऐप ‘एडिट्स’ में शक्तिशाली AI टूल्स जोड़ दिए हैं। अब यूजर्स को एक क्लिक में 15 भाषाओं में बाइलिंगुअल कैप्शन मिलेंगे, जिससे क्रिएटर्स का काम और आसान हो गया है।
इंस्टाग्राम एडिट्स के इस नए अपडेट ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स और कंटेंट मेकर्स के लिए बड़ा तोहफा पेश किया है। कंपनी ने ऐप को और अधिक एडवांस्ड बनाने के लिए कई क्रिएटिव फीचर्स जोड़े हैं, जो वीडियो एडिटिंग को प्रोफेशनल स्तर का अनुभव देंगे।
वीडियो एडिटिंग अब और एडवांस्ड
नए अपडेट में सबसे बड़ा बदलाव वीडियो टेम्पलेट्स में ओवरले जोड़ने की आसानी है। यूजर्स अब खास वीडियो को लॉक भी कर सकते हैं, ताकि एडिटिंग के दौरान गलती से बदलाव न हो। इसके अलावा, सीजनल साउंड इफेक्ट्स का नया फीचर जोड़ा गया है, जिसमें गर्मियों से जुड़े आकर्षक ऑडियो इफेक्ट्स उपलब्ध हैं। ये फीचर्स क्रिएटर्स को बिना किसी अतिरिक्त ऐप के प्रोफेशनल वीडियो बनाने में मदद करेंगे।
बाइलिंगुअल कैप्शन की धमाकेदार सुविधा
अपडेट की सबसे चर्चित खासियत है बाइलिंगुअल कैप्शन। अब वीडियो का कैप्शन अपने आप दूसरी भाषा में भी दिखाई देगा। यूजर्स को ट्रांसलेशन के लिए अलग ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी ने यह सुविधा फिलहाल 15 भाषाओं में शुरू की है, जिनमें अंग्रेजी, हिंदी, पुर्तगाली, स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, कोरियन, जापानी, इटालियन, थाई, रूसी, इंडोनेशियन, गुजराती, बंगाली और कन्नड़ शामिल हैं।
यह फीचर खासतौर पर भारतीय क्रिएटर्स और ग्लोबल ऑडियंस को टारगेट करने वाले कंटेंट मेकर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
प्रोफेशनल एडिटिंग और फ्यूचर प्लान्स
Meta ने ‘एडिट्स’ ऐप पिछले साल लॉन्च किया था। इस ऐप में यूजर्स 4K क्वालिटी में 10 मिनट तक के वीडियो बिना वॉटरमार्क के फ्री में एक्सपोर्ट कर सकते हैं। फ्रेम-लेवल एडिटिंग, आसान रिकॉर्डिंग और बेहतरीन टूल्स पहले से उपलब्ध थे। नए अपडेट ने इन सुविधाओं को और मजबूत कर दिया है।
कंपनी जल्द ही एडिट्स का डेस्कटॉप वर्जन भी लॉन्च करने वाली है। डेस्कटॉप वर्जन आने के बाद यूजर्स बड़ी स्क्रीन पर एडिटिंग कर सकेंगे और मोबाइल-डेस्कटॉप के बीच प्रोजेक्ट्स अपने आप सिंक हो जाएंगे।
यह अपडेट इंस्टाग्राम को टिकटॉक और अन्य वीडियो प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले और मजबूत बनाएगा। क्रिएटर्स अब ज्यादा आसानी से हाई क्वालिटी कंटेंट तैयार कर पाएंगे, खासकर बहुभाषी ऑडियंस वाले देशों में।







