विदेश डेस्क, ऋषि राज
तेहरान: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव ने गंभीर रूप ले लिया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के कई ठिकानों पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। तेहरान सहित कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
सूत्रों के अनुसार, हमले शनिवार तड़के किए गए। इज़रायल के रक्षा मंत्री ने इसे “संभावित खतरों को समाप्त करने के लिए पूर्व-एहतियाती कदम” बताया है। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने सीमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई। हालांकि, विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया गया। कुछ हमले सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के आसपास भी हुए होने की चर्चा है, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान की सरकारी एजेंसियों ने हमले को देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है और कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है।
इज़रायल में भी एहतियातन आपात
स्थिति घोषित कर दी गई है। तेल अवीव समेत कई शहरों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को बंकरों में जाने की सलाह दी गई है। इज़रायल ने ईरान की ओर से संभावित मिसाइल हमले की आशंका जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पहले से ही दोनों देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण थे। हाल के सप्ताहों में लगातार चेतावनियों और बयानबाजी के बाद यह सैन्य टकराव सामने आया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक संगठनों ने कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। आने वाले घंटों और दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया और वैश्विक शक्तियों की भूमिका से मध्य पूर्व की स्थिति और स्पष्ट होगी।







