स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
आवेदकों के लिए बड़ी सुविधा निबंधन के पहले जमीन अद्यतन की मिल सकेगी जानकारी
- इस प्रक्रिया से कानूनी झंझटें व विवाद में आयेगी कमी
- इ-निबंधन पोर्टल में अकाउंट बनाकर करें लॉग इन
पटना, राज्य में अब जमीन दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अब जमीन के निबंधन और दाखिल-खारिज से पूर्व खरीदार-विक्रेता को भूमि की पूर्ण अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएगा। यह नई व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी। विभाग का उद्देश्य है कि सात निश्चय-3 के तहत "सबका सम्मान, जीवन आसान" पहल के अंतर्गत प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया सुगम की जाए। इसके साथ हीं भूमि अंतरण के दौरान अनावश्यक कानूनी झंझटें कम हों और अधूरी जानकारी के कारण उत्पन्न होने वाले विवादों की भी रोकथाम हो सके। यह सुविधा ई-निबंधन पोर्टल पर दी जाएगी। इसके लिए आवेदक को ई-निबंधन पोर्टल पर अकाउंट बनाकर लॉग इन करना होगा। इसके बाद भूमि से जुड़ी 13 महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करनी होंगी, जिसमें निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा संख्या, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी संख्या, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता-विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार शामिल है।
अंचल अधिकारी 10 दिनों के भीतर अद्यतन जानकारी करेंगे अपलोड
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निबंधन से पहले आवेदक को विकल्प मिलेगा कि वह भूमि की अद्यतन जानकारी प्राप्त करना चाहता है या नहीं। यदि विकल्प हां चुना जाता है, तो जानकारी संबंधित अंचल अधिकारी/राजस्व अधिकारी को भेजी जाएगी और सूचना दोनों पक्षों को एसएमएस से मिलेगी। अंचल अधिकारी 10 दिनों के भीतर अद्यतन जानकारी अपलोड करेंगे, अन्यथा आवेदक द्वारा दी गई जानकारी पूर्ण मानी जाएगी और आवेदन ऑटो फॉरवर्ड हो जाएगा। यह सुविधा केवल रैयती भूमि पर लागू होगी, जिससे भूमि विवादों में कमी आएगी और नागरिकों को भूमि संबंधी सटीक जानकारी मिलने से जीवन आसान बनेगा।






