विदेश डेस्क,श्रेयांश पराशर l
तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने का निर्देश जारी किया है। राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद लंबे समय से जारी इंटरनेट प्रतिबंध खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाओं को पुनः चालू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
जानकारी के अनुसार, ईरान में पिछले 88 दिनों से इंटरनेट सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित थीं। कई इलाकों में पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट लागू था, जबकि कुछ क्षेत्रों में सीमित सेवाएं ही उपलब्ध थीं। यह अब तक किसी भी देश द्वारा लगाया गया सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट माना जा रहा है। लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से आम नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों और ऑनलाइन काम करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इंटरनेट बंदी के कारण ई-कॉमर्स, बैंकिंग सेवाएं और डिजिटल भुगतान प्रणाली भी प्रभावित हुईं। छोटे कारोबारियों और तकनीकी कंपनियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग सेवाओं के बंद होने से लोगों के बीच संवाद भी सीमित हो गया था।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अधिकारियों से कहा है कि इंटरनेट सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जाए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी कारणों को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन अब परिस्थितियां सामान्य होने पर सेवाएं बहाल की जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट बहाली के बाद ईरान की डिजिटल अर्थव्यवस्था को फिर से गति मिलेगी और लोगों की दैनिक गतिविधियां सामान्य हो सकेंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इंटरनेट बंदी को लेकर वैश्विक संगठनों ने चिंता जताई थी।







