एमनेस्टी पॉलिसी 2025 व एग्ज़िट पॉलिसी 2025: 100 औद्योगिक मामलों का समाधान, ₹800 करोड़ निवेश की उम्मीद
स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
बियाडा की पहल से औद्योगिकरण को रफ्तार, सुलझे 100 मामले, 800 करोड़ रु. के निवेश की राह खुली
- राज्य में करीब 800 करोड़ रुपये तक निवेश होने की है संभावना
- 31 मार्च 2026 तक एकमुश्त अवसर का लाभ उठा सकती हैं पात्र इकाइयां
पटना, माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) ने एमनेस्टी पॉलिसी 2025 और एग्जिट पॉलिसी-2025 के माध्यम से करीब 100 औद्योगिक इकाईयों के मामलों का समाधान करने में सफलता पाई है। इसके वजह से बिहार में करीब 800 करोड़ तक के निवेश होने की संभावनाएं हैं।
बताया जाता है कि इन दोनों पॉलिसियों के माध्यम से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा करने के लिए उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के प्रबंध निदेशक श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन दोनों पालिसियों के माध्यम से करीब 100 औद्योगिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इससे करीब 100 एकड़ औद्योगिक भूमि को पुनः नए निवेशकों को निवेश करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही बेकार पड़ी परिसंपत्तियों को को पुनर्जीवित किया जाएगा। बियाडा के इस पहल से बिहार में करीब 600 से लेकर 800 करोड़ रुपये के संभावित निवेश करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है और इससे राज्य में नए रोजगार सृजन के साथ ही औद्योगिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
इस संबंध में उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य में औद्योगिक परिसंपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए सरकार ने एमनेस्टी पॉलिसी और एग्जिट पॉलिसी 2025 बनाई है। एमनेस्टी पॉलिसी उन उद्यमियों को एक अवसर प्रदान करती है, जिनके औद्योगिक भूखंड बकाये या अन्य कारणों से निष्क्रिय हो गए थे। इस पॉलिसी के माध्यम से कोई भी उद्यमी बंद इकाइयों को दुबारा पुनर्जीवित करने के साथ ही रोजगागर के अवसर को पुनर्स्थापित कर सकते हैं और अपने निवेश की सुरक्षा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो भूखंड पहले से किसी तीसरे पक्ष को आवेटित कर दिए गए है उन्हें छोड़कर सभी पात्र इकाईयां 31 मार्च 2026 तक इस पॉलिसी के तहत अवसर का लाभ उठा सकती हैं।
सचिव ने कहा कि एग्जिट पालिसी 2025 उद्यमियों को निकास का विकल्प प्रदान करती है। इसके अलावा लंबित विवादों का समाधान करने के साथ ही निष्क्रिय भूमि को पुनः नए निवेशकों को उपलब्ध कराती है। इससे नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और निवेश में वृद्धि होगी तथा रोजगार सृजन की नई राह मिलेगी। बैठक में बीसीसीआई के प्रतिनिधि श्री सुभाष कुमार पटवारी, श्री संजय गोयनका, श्री अमरनाथ जायसवाल सहित बियाडा के अधिकारी मौजूद थे।







