नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार
नई दिल्ली। बढ़ती ऑपरेशनल लागत और जेट फ्यूल की कीमतों में इजाफे के बीच टाटा समूह की एयरलाइन एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों में बड़ी कटौती का फैसला लिया है। कंपनी जून से अगस्त 2026 के बीच हर सप्ताह करीब 800 घरेलू उड़ानें कम करेगी। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार इंडिगो भी अपनी घरेलू उड़ानों में 5 से 7 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है।
फिलहाल एअर इंडिया हर सप्ताह करीब 4400 उड़ानों का संचालन कर रही है, जिनमें लगभग 3600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों में करीब 22 प्रतिशत तक कटौती की घोषणा की है।
कंपनी का कहना है कि वह बाजार की मांग और परिचालन परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखेगी। हालात सामान्य होने के बाद उड़ानों की संख्या बहाल करने पर विचार किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, उड़ानों में कटौती की प्रमुख वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें हैं। 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने से ईंधन लागत में वृद्धि हुई है। इसके अलावा ईरानी हवाई क्षेत्र से बचने और पाकिस्तानी एयरस्पेस पर प्रतिबंधों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय मार्ग लंबे हो गए हैं, जिससे परिचालन खर्च और बढ़ा है।
जानकारी के मुताबिक, पहले एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में फ्यूल की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होती थी, जो अब बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
एविएशन एनालिटिक्स फर्म ‘सिरियम’ के आंकड़ों के अनुसार, मार्च और अप्रैल के दौरान भारत की चार प्रमुख एयरलाइंस के संचालन में पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस अवधि में इंडिगो की उड़ानों में 4.5 प्रतिशत और एअर इंडिया की उड़ानों में 7.5 प्रतिशत कमी रही, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस में सबसे अधिक 17.1 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई।
बढ़ती लागत का असर यात्रियों पर भी पड़ा है। एयरलाइंस द्वारा किराए बढ़ाए जाने से घरेलू हवाई यात्रा की मांग में कमी देखी जा रही है।
भारत के घरेलू विमानन बाजार में फिलहाल इंडिगो और एअर इंडिया का संयुक्त बाजार हिस्सा करीब 90 प्रतिशत बताया जाता है। इसी बीच अकासा एयर छोटे बेड़े के बावजूद विस्तार की दिशा में काम कर रही है।
गौरतलब है कि एअर इंडिया इससे पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी कटौती का ऐलान कर चुकी है। कंपनी ने जून से अगस्त के बीच छह अंतरराष्ट्रीय रूट बंद करने और 23 अंतरराष्ट्रीय रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाने का फैसला लिया है। इनमें दिल्ली-शिकागो और मुंबई-न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख मार्ग भी शामिल हैं।







