नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वीर सैनिकों को नमन किया, जिनकी बहादुरी और अदम्य साहस ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय बना दिया।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अभियान को भारतीय सेना की क्षमता, साहस और रणनीतिक दक्षता का प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री ने सैनिकों के समर्पण, साहस और देशभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘सेवा परमो धर्म’ जैसे मूल्यों ने प्राचीन समय से लेकर आधुनिक अभियानों तक भारतीय सैन्य परंपराओं को मजबूत आधार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि यही मूल्य सैनिकों को हर चुनौती का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सशस्त्र बलों की भूमिका केवल युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि वे आपदा के समय देश-विदेश में मानवीय सहायता पहुंचाने में भी अग्रणी रहते हैं। संकट की घड़ी में वे लोगों तक भोजन, दवाइयां और राहत सामग्री पहुंचाकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
कार्यक्रम में कला और वीरता का अद्भुत समागम देखने को मिला, जिसमें शीर्ष सैन्य अधिकारी, सैकड़ों जवान और पद्मश्री सम्मानित कलाकार जैसे अनुप जलोटा, कैलाश खेर, हर्षदीप कौर और मनोज मुंतशिर शामिल हुए। इस आयोजन ने देशभक्ति और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अक्सर वीरता और कला को अलग-अलग माना जाता है, जबकि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने बताया कि संगीत और कला मानव भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो सैनिकों में एकता और ऊर्जा का संचार करती हैं।
उन्होंने सैन्य बैंड के मार्चिंग गीतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये धुनें सैनिकों को एकजुट करती हैं और व्यक्तिगत पहचान को सामूहिक शक्ति में बदल देती हैं। यह भावना सशस्त्र बलों के मूल सिद्धांतों में गहराई से समाहित है, जो उन्हें हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखती है।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।







