विदेश डेस्क, ऋषि राज |
नई दिल्ली/मस्कट: ओमान तट के निकट एक व्यावसायिक तेल टैंकर पर हुए कथित मिसाइल हमले के बाद उस पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय समुद्री एजेंसियों, ओमान के अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय बचाव तंत्र के बीच तेज समन्वय के चलते यह राहत अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। घटना के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी, लेकिन समय रहते की गई कार्रवाई से सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, हमला ओमान के मसीराह तट के पास लंगर डाले एक व्यावसायिक टैंकर पर हुआ। प्रारंभिक रिपोर्टों में जहाज के एक हिस्से में आग लगने और धुआं उठने की सूचना मिली थी। जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्यों ने तत्काल सहायता की मांग की, जिसके बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। जहाज पर कुल 24 नाविक सवार थे और सभी भारतीय नागरिक बताए गए हैं।
भारतीय तटरक्षक बल और मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (एमआरसीसी) को घटना की सूचना मिलते ही आपात प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया गया। अधिकारियों ने ओमान मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और बचाव अभियान की निगरानी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जहाज के आसपास मौजूद समुद्री संसाधनों को भी सहायता के लिए लगाया गया।
बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालना और उन्हें चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना था। अधिकारियों के अनुसार, सभी नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और उनकी स्वास्थ्य जांच भी कराई गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी नहीं मिली है।
इस घटना ने एक बार फिर वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया क्षेत्र पहले से ही भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रहा है और समुद्री व्यापार मार्गों पर किसी भी प्रकार की सैन्य या आतंकी गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग और निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
भारत सरकार ने भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। अधिकारियों ने कहा कि विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां नाविकों की सुरक्षा तथा उनकी शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही हैं। सफल बचाव अभियान के बाद भारतीय समुद्री तंत्र की तत्परता और समन्वय की व्यापक सराहना की जा रही है।






