नेशनल डेस्क , रानी कुमारी
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और कथित पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश में बड़ी परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने में असफल साबित हो रही है, जिसका सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि अब तक कई बार नीट परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बड़े स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हो रही है।
आप नेता ने कहा कि जो सरकार देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं को सुरक्षित नहीं करा सकती, वह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी बात कही।
केजरीवाल ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता को जायज बताते हुए कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से उनका मनोबल टूट रहा है। उन्होंने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और न्याय की मांग करने का आह्वान भी किया।
National Testing Agency ने तीन मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया है। एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया कि दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवाद देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसियों के लिए पारदर्शिता तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बड़ी चुनौती बन गया है।







