स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
तिरुवनंतपुरम, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन तथा उनके परिवार से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई बताई जा रही है। जांच एजेंसी की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया और दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारियों की गहन जांच की।
ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से कन्नूर और तिरुवनंतपुरम स्थित उन परिसरों पर केंद्रित रही, जो पिनारयी विजयन और उनके करीबी परिजनों से जुड़े बताए जाते हैं। राजधानी क्षेत्र में बेकरी जंक्शन के पास स्थित उनके हाल में किराए पर लिए गए आवास की भी तलाशी ली गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, जांच दल सुबह तड़के ही संबंधित परिसरों पर पहुंच गया था और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में तलाशी की प्रक्रिया कई घंटों तक जारी रही।
इसके अलावा कोझिकोड में पूर्व लोक निर्माण मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास, उनकी पत्नी और पिनारयी विजयन की पुत्री से जुड़े परिसरों पर भी समानांतर रूप से छापेमारी की गई। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई कथित वित्तीय लेन-देन और कॉर्पोरेट गतिविधियों से संबंधित व्यापक जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी उन लेन-देन की पड़ताल कर रही है जिन पर पिछले कई महीनों से निगरानी रखी जा रही थी और जिनको लेकर राजनीतिक स्तर पर भी विवाद सामने आए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच का फोकस उन वित्तीय गतिविधियों पर है जिनमें कुछ निजी कंपनियों और संबंधित पक्षों के बीच हुए कथित भुगतान शामिल हैं। पहले हुई जांच में ऐसे भुगतान और व्यावसायिक लेन-देन सवालों के घेरे में आए थे, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच की मांग उठी थी। इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में बहस को तेज किया और राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। अब ईडी इन वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य कारोबारी दस्तावेजों का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लेन-देन नियमों के अनुरूप थे या नहीं।
हालांकि छापेमारी के दौरान किसी दस्तावेज, नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य सामग्री की जब्ती हुई है या नहीं, इसे लेकर अभी तक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तलाशी की प्रकृति, जांच की दिशा या अब तक सामने आए निष्कर्षों के संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। इसके कारण कार्रवाई से जुड़ी कई जानकारियां अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ सकी हैं।
इस बीच जिन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। छापेमारी की सूचना फैलने के बाद संबंधित परिसरों के बाहर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों की भीड़ जुट गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केरल में पूर्व वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार से जुड़े विभिन्न मामलों और आरोपों की जांच लगातार चर्चा में बनी हुई है। पिनारयी विजयन के परिवार से जुड़े कारोबारी मामलों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और अब ताजा कार्रवाई के बाद पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और सार्वजनिक नजरें टिकी हुई हैं।







