स्टेट डेस्क, रानी कुमारी
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कैग (CAG) रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये की गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय सरकार उन्हें गिरफ्तार कराने की धमकी दे रही है।
मरांडी ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के भीतर मेडिकल उपकरणों, दवाओं की खरीद तथा अस्पताल निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है तथा कमीशनखोरी का खेल लंबे समय से चल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जब भी वे जनता से जुड़े मुद्दों और घोटालों को उठाते हैं, तब सरकार राजनीतिक दबाव बनाकर डराने की कोशिश करती है।
मरांडी ने मांग की कि कैग रिपोर्ट में उजागर सभी मामलों की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है







