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कोचिंग घोटाला: जय भीम योजना के नाम पर 37.20 करोड़ की धोखाधड़ी, 9 आरोपी गिरफ्तार

क्राइम डेस्क , रानी कुमारी

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ के तहत हुए कथित 37.20 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में शामिल आरोपी कोचिंग संस्थानों के मालिक, निदेशक और उनसे जुड़े अन्य लोग हैं, जिन्होंने योजना के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। गिरफ्तार आरोपियों में रविंद्र सिंह जादौन, संजीव, आजाद कलत, हर्षित, नरेंद्र कुमार गुप्ता, शंभू शरण, संजय कुमार, जितेंद्र कुमार और कुंवर दिग्विजय सिंह के नाम शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर और छात्रों के नाम पर गलत जानकारी देकर सरकार से धन प्राप्त किया। कई मामलों में ऐसे छात्रों के नाम दिखाए गए, जो या तो अस्तित्व में नहीं थे या उन्होंने संबंधित कोचिंग संस्थानों में कभी दाखिला ही नहीं लिया। इसके अलावा, उपस्थिति रिकॉर्ड और परिणामों में भी हेरफेर कर भुगतान प्राप्त किया गया हैं।

‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है। लेकिन आरोप है कि कुछ कोचिंग संस्थानों ने इस योजना का गलत फायदा उठाकर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया हैं।

यह मामला 7 अगस्त 2025 को सामने आया, जब SC/ST/OBC कल्याण विभाग को कई अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद मामला एसीबी को सौंपा गया, जिसने विस्तृत जांच के बाद यह कार्रवाई की गयी।

सभी आरोपियों को 29 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया और विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसीबी अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि इस घोटाले में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसमें कुछ सरकारी कर्मचारी या अन्य संस्थान भी हो सकते हैं। वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।