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गया-डोभी एनएच ग्रीन कॉरिडोर पर होगी हरियाली, लगेंगे 50 हजार पौधे  

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना

खुलेगा कॉम्युनिटी फॉर्मिंग, दादा का दलान, सेल्फी प्वाइंट राहगीरों को मिलेगा अनोखा अनुभव  मुखिया और जिला-पार्षद के सहयोग से सड़क पर लगेंगे फलदार पेड़ 

-    17 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को ग्रीन कॉरिडोर में विकसित करने की तैयारी 
-    कम्युनिटी फॉर्मिंग को मिलेगी नयी पहचान पर्यावरण समृद्ध होगा बिहार 

पटना, पटना से डोभी तक का सफर अब और भी हराभरा और सुखद होने जा रहा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से 127 किलोमीटर लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। पहले चरण में दोनों तरफ 50 हजार से अधिक पौधे लगाने का यह कार्य संबंधित पंचायतों के मुखिया और जिला पार्षद के सहयोग से कराया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में फलदार वृक्ष भी होंगे। इस व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों मसलन मुखिया, पंचायत सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के साथ विमर्श कर उनके सहयोग से किसानों की तरफ से लगवाए जाएंगे। इस तरह यह एक सामुदायिक कृषि यानी कम्यूनिटी फार्मिंग को भी बढ़ावा देने का सरकार का प्रयास होगा। इस योजना को सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत लागू किया जाएगा। योजना की खास बात यह है कि हर करीब 5 किलोमीटर तक एक ही तरह के फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। यानि एक ही तरह के पेड़ों की हरित पट्टी लोगों के बीच में खुशनुमा माहौल बनाएगी। जानकारी के अनुसार हर 5 किलोमीटर पर अलग-अलग फलदार पेड़ों मे आम, अमरूद, जामुन, लीची, कटहल, आंवला, बेल, नींबू, सहजन, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पेड़ लगाने की योजना है। 
      
मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा रोजगार के नये अवसर होंगे सृजित

इस पहल से किसानों को सीधा फायदा होगा। सड़क के किनारे लगे पेड़ों से मिलने वाले फलों को आसानी से बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे ढुलाई खर्च कम होगा। इस योजना से सिर्फ फल ही नहीं रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जायेंगे। इससे मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा मिलेगा। खासकर सहजन के पेड़ों पर होने वाला शहद उच्च गुणवत्ता का माना जाता है, जिससे अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। साथ ही गया–डोभी मार्ग पर “दादा का दालान” खोलने की भी योजना है, जहां स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और यात्रियों को आराम करने की सुविधा। यहां आने वाले यात्री चाय, कॉफी, स्वादिष्ट व्यंजन का भी लुत्फ उठा सकेंगे। इसके अलावा जगह जगह पर सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे जहां वाहन पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की मंत्री डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है और यह पांच तत्व ही प्रकृति है। इसलिए प्रकृति की रक्षा में ही मानव एवं सभी जीव जंतुओं की सुरक्षा निहित है। पटना से डोभी तक एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ सामुदायिक विकास की योजना को फलीभूत करने की सरकार की मंशा है।