स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह ।
पटना : राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई कथित फायरिंग और हंगामे के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर का नाम भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है। मामले में उनके दो निजी बॉडीगार्ड को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 2 जून की रात करीब 10:30 बजे खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर कुछ युवकों द्वारा हंगामा, तोड़फोड़ और पथराव किए जाने की सूचना मिली थी। आरोप है कि इस दौरान गेट पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी की गई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर मौके पर मौजूद निजी सुरक्षा कर्मियों ने अपने लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग की।
कदमकुआं थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों बॉडीगार्ड ने दावा किया है कि उन्होंने कोचिंग सेंटर के बाहर बढ़ते हंगामे के बीच फायरिंग की थी। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
यह विवाद कथित तौर पर खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु एकेडमी के बीच छात्रों को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर फायरिंग से जुड़े वीडियो भी वायरल हुए, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। बाद में ज्ञान बिंदु एकेडमी की ओर से भी वीडियो जारी कर फायरिंग का आरोप लगाया गया।
पुलिस ने दोनों सुरक्षा कर्मियों तालेबर सिंह और प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही जिन हथियारों से फायरिंग किए जाने का आरोप है, उन्हें जब्त कर फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हथियारों का इस्तेमाल किस परिस्थिति में और कितनी बार किया गया।
मामले की एक दिलचस्प कड़ी यह भी है कि घटना के बाद शुरुआती बयान में खान सर ने फायरिंग की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान में बदलाव करते हुए कहा कि उन्होंने जो जानकारी दी थी, वह सुरक्षा कर्मियों से मिली सूचना के आधार पर थी। वहीं, घटना की रात जारी पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में भी फायरिंग की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई थी।
फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान, वीडियो फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।







