Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

चीन-अमेरिका टकराव दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है: वांग यी

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी

बीजिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल ही में हुई विस्तृत वार्ता के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन और अमेरिका के बीच किसी भी प्रकार का टकराव केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर और विनाशकारी परिणाम लेकर आ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतिस्पर्धा और संघर्ष की जगह सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिलेगा।


चीन के सरकारी टीवी चैनल के अनुसार, वांग यी ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच सहयोग से ऐसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं, जिनका लाभ केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को मिलेगा।उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में दोनों देशों की अहम भूमिका को देखते हुए पारस्परिक समझ और समन्वय बेहद आवश्यक है।

वांग यी ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रूप में चीन और अमेरिका एक-दूसरे से पूरी तरह अलग होकर आगे नहीं बढ़ सकते। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थिरता बनाए रखना समय की जरूरत है और यह संबंध ऐसे होने चाहिए जो पूर्वानुमान योग्य और संतुलित हों, न कि लगातार तनाव और उतार-चढ़ाव से प्रभावित।

उन्होंने दोनों देशों के संबंधों की तुलना करते हुए कहा कि चीन और अमेरिका के रिश्ते किसी ‘रोलर कोस्टर’ की तरह अस्थिर नहीं होने चाहिए। उनका मानना है कि आपसी मतभेदों को संवाद और समझ के माध्यम से नियंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय संबंध दीर्घकालिक रूप से मजबूत बने रहें और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम हो।

चीनी विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच लगभग नौ घंटे तक चर्चा हुई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने इस बैठक को बेहद अहम बताते हुए कहा कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच गहन चर्चा हुई और इससे कई सकारात्मक तथा उपयोगी परिणाम सामने आए।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में औपचारिक वार्ता के अलावा स्वागत भोज, विचारों का आदान-प्रदान और सीमित स्तर पर अन्य कार्यक्रम भी शामिल रहे। वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका आने वाले समय में चीन-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के विकास पर भी व्यापक प्रभाव डालेगी।

उन्होंने कहा कि चीन-अमेरिका संबंधों की दिशा वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक संतुलन को प्रभावित करती है। ऐसे में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप का नेतृत्व दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने 13 से 15 मई के बीच चीन की राजकीय यात्रा की, जिसके दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।