Ad Image
Ad Image
प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित || उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने AI इंडिया इंपैक्ट समिट का किया उद्घाटन || तारिक रहमान बनें बांग्लादेश के नए PM, स्पीकर ओम बिरला ने की मुलाकात || जेनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की सकारात्मक वार्ता संपन्न || यंग माइंड्स ऑनलाइन लेक्चर सीरीज का दूसरा व्याख्यान आज, फिल्में सितारे करेंगे शिरकत || भारत और फ्रांस मिलकर बनायेंगे अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर, बनी सहमति

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

जनगणना की सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का होता है निर्माणः मुख्य सचिव

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना।

नीति निर्माण की आधारशिला है जनगणना: मुख्य सचिव

जनगणना 2027 की विकसित भारत के लक्ष्य में होगी अहम भूमिका

टीम भावना और सटीकता से जनगणना का कार्य करने की सीएस ने की अपील

17 अप्रैल से स्व-गणना और 2 मई से घर-घर शुरू होगा सर्वेक्षण: सीके अनिल

पहली बार पूरी तरह से डिजिटल होगी जनगणना

पटना में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन आयोजित, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त रहे उपस्थित

पटना, भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को पटना में राज्यस्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त उपस्थित हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का निर्माण निर्भर करता है।

टीम भावना और पारदर्शिता से जनगणना कार्य करने की अपील
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो सका था, लेकिन अब 15 वर्षों के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। “विकसित भारत, वैभवशाली भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है। इसलिए इसे पूरी टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरी की जाए।
 
जनगणना 2027 पहली बार पूरी तरह डिजिटल
मुख्य सचिव ने कहा कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप तथा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे डेटा संकलन अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा।

17 अप्रैल से स्व-गणना, 2 मई से घर-घर सर्वेक्षण
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य समन्वयक श्री सीके अनिल ने  स्वागत भाषण के दौरान कहा कि राज्य में जनगणना प्रारंभ करने के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक चलेगी, जबकि भौतिक रूप से घर-घर सर्वेक्षण का कार्य 02 मई 2026 से 31 मई 2026 के बीच संपन्न किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं एवं घरेलू उपकरणों की उपलब्धता से संबंधित होंगे।

मोबाइल ऐप और सीएमएमएस से होगी जनगणना प्रक्रिया
बिहार में जनगणना निदेशालय के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जनगणना की पूरी प्रक्रिया एवं रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण सत्र के दौरान ‘रोल ऑफ सेंसस फंक्शनरीज’, ‘फील्ड गतिविधियों में चुनौतियां’, ‘इंटर एजेंसी समन्वय एवं जन-जागरूकता’ तथा ‘डिजिटल टूल्स फॉर सेंसस 2027’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में अधिकारियों को जनगणना कार्य को समयबद्ध, त्रुटिरहित और तकनीकी रूप से दक्ष तरीके से पूरा करने का संकल्प दिलाया गया।

इस मौके पर मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग श्री दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री बी राजेंदर, प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, प्रधान सचिव विनय कुमार, श्रीमती वंदना प्रेयसी, सचिव श्री जय सिंह, श्री सुभाष दास गुप्ता समेत सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी जिलाधिकारी, सभी नगर आयुक्त, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, उपनिदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्रीमती सुधा रानी, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर समेत जनसंख्या निदेशालय के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।