Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

जर्मनी की भारतीयों को सौगात: ट्रांजिट वीजा खत्म

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी ।

आसान होगा जर्मन एयरपोर्ट्स से गुजरना

नई दिल्ली। जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट सुविधा की घोषणा की है, जिससे फ्रैंकफर्ट या म्यूनिख जैसे एयरपोर्ट्स पर लेऑवर के दौरान अलग से ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क को मजबूत करने वाला कदम बताया।

यह फैसला जर्मन चांसलर फ्रीडरिच मर्ज की भारत यात्रा के दौरान लिया गया, जब उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। पहले भारतीय यात्रियों को शेंगेन ट्रांजिट वीजा (कैटेगरी ए) लेना पड़ता था, भले ही वे एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र से बाहर न निकलें। अब यह सुविधा भारतीयों को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए आसानी से गुजरने देगी, लेकिन जर्मनी में प्रवेश या ठहरने की अनुमति नहीं मिलेगी।

पीएम मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में चांसलर मर्ज का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल यात्रा को सरल बनाएगा बल्कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। मर्ज की यह पहली भारत यात्रा है, जिसमें आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर जोर दिया गया।

किसे मिलेगा फायदा?

यह सुविधा उन भारतीय यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी जो जर्मनी के एयरपोर्ट्स से होकर किसी तीसरे देश जा रहे हैं। फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख या बर्लिन जैसे प्रमुख हब्स पर अब बिना वीजा के ट्रांजिट संभव होगा, जो पहले की तुलना में समय और कागजी कार्रवाई बचाएगा। हालांकि, पर्यटन, व्यापार या परिवार से मिलने के लिए जर्मनी या अन्य शेंगेन देशों में प्रवेश के लिए उचित वीजा अभी भी जरूरी रहेगा।

यह बदलाव ऐसे समय आया है जब वैश्विक यात्रा में भारत की भूमिका बढ़ रही है। जर्मनी, यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, भारत के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाना चाहता है। दोनों देश अमेरिका और चीन जैसे बड़े खिलाड़ियों से आने वाली आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

मोदी-मर्ज मुलाकात की झलकियां

अहमदाबाद में हुई बैठक में दोनों नेताओं ने क्रिटिकल मिनरल्स और पारंपरिक दवाओं जैसे क्षेत्रों में करीब 10 समझौतों पर चर्चा की। मर्ज ने भारत को जर्मन अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया, खासकर चीन और अमेरिका के साथ तनाव के बीच। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी भारत के साथ व्यापार और रक्षा संबंध मजबूत करना चाहता है।

यह फैसला कनाडा के हालिया स्थायी निवास पाथवे की घोषणा के बाद आया है, लेकिन जर्मनी का फोकस ट्रांजिट सुविधा पर है। भारतीय यात्रियों के लिए यह एक बड़ा राहत का कदम है, जो अक्सर यूरोपीय हब्स से गुजरते हैं।

क्या रहेगा असर?

ट्रांजिट वीजा की छूट से भारतीयों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा सस्ती और तेज हो सकती है। पहले वीजा आवेदन में लगने वाला समय और फीस अब बच जाएगी। जर्मनी के इस कदम से दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

चांसलर मर्ज ने भारत को आमंत्रित किया कि जर्मन विश्वविद्यालय यहां कैंपस स्थापित करें, जो शिक्षा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेगा। बैठक में वैश्विक अस्थिरता पर भी बात हुई, जहां दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

यह सुविधा जल्द लागू होने वाली है, हालांकि सटीक तारीख की घोषणा बाकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे सकारात्मक बताया है।