Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

जल-जीवन-हरियाली अभियान की बड़ी उपलब्धि: अररिया में 1528 केवी सोलर सिस्टम से करोड़ों की बचत

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

सोलर क्रांति: सरकारी भवनों में सोलर पैनल से हर माह लाखों यूनिट बिजली उत्पादन

- सोलर पैनल से पर्यावरण संरक्षण के लिए बनी नई राह, ऊर्जा के क्षेत्र में मिल रहा आर्मनिर्भरता को बढ़ावा

पटना, नेपाल की सीमा से सटे अररिया में पिछले कुछ वर्षों के भीतर हरित शासन का जो प्रयोग किया गया वह आज पूरी तरह सफल है। जिले के सरकारी और सार्वजनिक भवनों पर लगाए गए 1528 केवी के सोलर सिस्टम से हर महीने न सिर्फ लाखों यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है बल्कि इससे सालाना करोड़ों रुपए की बचत भी की जा रही है।

वर्ष 2019 से शुरू जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य भर में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को सौर ऊर्जा पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक बचत और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। 

अररिया में सोलर एनर्जी का सफल प्रयोग
इसी योजना के तहत अररिया में 114 सरकारी और सार्वजनिक भवनों पर सोलर पैनल की स्थापना की गई है। बिजली विभाग के सहयोग से स्थापित इन सोलर पैनल से आज हर महीने 1 लाख 37 हजार यूनिट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इससे विभागों की हर माह 11 लाख से भी अधिक की बिजली बिल बचत सुनिश्चित हो पा रही है।  

पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक बचत
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अररिया एक कृषि प्रधान जिला है। यहां ऊर्जा की बढ़ती मांग, अनियमित विद्युत आपूर्ति और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए अक्षय ऊर्जा को अपनाना समय की मांग थी। प्रशासन और दूसरे विभागों के सहयोग से इस चुनौती को अवसर में बदला गया। सौर ऊर्जा को सरकारी तंत्र में शामिल करते हुए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया गया। नतीजा, आज सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की एक नई राह बनकर तैयार हो चुकी है।