लोकल डेस्क, ऋषि राज।
रक्सौल: पहली नजर में दिखाई देने वाली हकीकत,कभी कभी सत्य से परे हो जाती है।उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं भारत विकास परिषद् रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से व्यक्त किया।
जिंदगी एक रंगमंच है जिसमें हर प्राणी को अपना किरदार निभाना पड़ता है।जिंदगी में कैसी भी परिस्थिति आए, कभी हिम्मत नहीं हारना चाहिए, क्योंकि आपकी हिम्मत ही आपको हर कठिनाई से बाहर निकालेगी, निर्भय वही है जो सत्य की शरण मे होता है, और जो असत्य का सहारा लेता है वह हमेशा भय में रहता है। ना जाने यह दुनिया किस गुरुर के पहियों पर चलती है,आजकल तो गलती को गलती बताना भी एक गलती है,किया गया कर्म और दिया गया धोखा, बिना भुगतान के पीछा नहीं छोड़ता है। "काश ऐसी बारिश आए" जिसमें अहम डूब जाए, मतभेद के किले ढह जाएं, घमंड चूर-चूर हो जाए, गुस्से के पहाड़ पिघल जाए, नफरत हमेशा के लिए दफ़न हो जाए और हम सब " मैं "से " हम " हो जाए,आवश्यकता अनुसार लोगों से जुड़े रहना, एक सामान्य व्यवहार होता है,परंतु बिना आवश्यकता के भी लोगों का ख्याल रखना, एक अच्छे व्यक्तित्व की पहचान होती है।
आज के दौर की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम दुःख इंसानों को देते हैं,और माफ़ी ईश्वर से माँगते हैं। मैं जो कह रहा हूं वही सत्य है, यह अभिमानी का लक्षण है और जो सत्य होगा मैं उसे स्वीकार कर लूँगा यह स्वाभिमानी का लक्षण है।एक अच्छा कलाकार रंगमंच पे कई रूप में अपने आप को प्रस्तुत करता है उसी प्रकार जीवन रूपी रंगमंच पे भी कई उतार चढ़ाव को पार करते हुए जीवन को गुजारना होता है।जीवन एक आनंद है इसकी खोज में ना जाने कितने ऋषि मुनियों ने अपनी तपस्या की,तब भी नहीं प्राप्त हुआ।इसलिए सदैव हर परिस्थिति में आनंदित रहें।







