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जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं, स्वयं को तनावग्रस्त न करें: बिमल सर्राफ

लोकल डेस्क, ऋषि राज।

रक्सौल:भगवान सर्वव्यापी हैं। उन्हें कुछ दिखाने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि वे मनुष्य के मन और जीवन की प्रत्येक स्थिति से भली-भांति परिचित हैं। वे उसी व्यक्ति के जीवन में प्रकट होते हैं, जिसके हृदय में उनके प्रति सच्चा प्रेम और अटूट श्रद्धा होती है।

ये विचार लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322 ई के जोनल चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन सह सामाजिक कार्यकर्ता तथा भारत विकास परिषद, रक्सौल के सेवा संयोजक एवं मीडिया प्रभारी बिमल सर्राफ ने प्रेस से बातचीत के दौरान व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मन में कपट रखकर किसी का हितैषी बनने का प्रयास करता है, तो उसकी खोटी नीयत का प्रमाण समय अवश्य सामने ले आता है। इसलिए रिश्तों को इतना सशक्त और मधुर बनाना चाहिए कि सुख-दुःख हर परिस्थिति में लोग एक-दूसरे से अधिकारपूर्वक अपनी बात कह सकें। रिश्तों का मूल्य किसी तराजू से नहीं आँका जा सकता; उनकी गहराई केवल परवाह, विश्वास और अपनापन ही बताता है।

श्री सर्राफ ने कहा कि जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है। इसलिए परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, स्वयं को अत्यधिक तनावग्रस्त नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय के साथ हर परिस्थिति बदलती है। परमात्मा ने सभी मनुष्यों को एक ही मिट्टी से बनाया है। अंतर केवल इतना है कि कोई बाहरी रूप से सुंदर होता है, तो कोई अपने आंतरिक गुणों और विचारों से सुंदर होता है।

उन्होंने कहा कि आज समाज में लोग व्यावहारिक कम और व्यवसायिक अधिक होते जा रहे हैं। अनेक संबंध लाभ-हानि के आधार पर बनाए और निभाए जा रहे हैं, जबकि सच्चे रिश्ते निस्वार्थ प्रेम, विश्वास और संवेदनाओं पर आधारित होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जीवन में गलतियाँ होना स्वाभाविक है, लेकिन इरादे कभी गलत नहीं