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झारखंड: JMM महासचिव विनोद पांडेय का BJP पर हमला

स्टेट डेस्क, वेरोनिका राय |

झारखंड राजनीति में फिर गरमा-गरमी: JMM महासचिव विनोद पांडेय का BJP पर बड़ा हमला

झारखंड की राजनीति इन दिनों लगातार सियासी आरोप-प्रत्यारोपों से गरमाई हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव और प्रवक्ता विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा झारखंड में समानांतर सरकार चलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा के पास न तो जनता का जनादेश है और न ही ठोस मुद्दे, फिर भी वह केंद्र के इशारों पर राज्य सरकार को अस्थिर करने की साज़िश में जुटी है।

सूर्या हांसदा प्रकरण को बताया आदिवासी समाज का अपमान

विनोद पांडेय ने सूर्या हांसदा मामले पर भाजपा की राजनीति को आदिवासी समाज का सीधा अपमान बताया। उन्होंने कहा कि झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने सूर्या हांसदा के आपराधिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया है। बावजूद इसके भाजपा उन्हें ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ बताकर जनता को गुमराह कर रही है। पांडेय ने सवाल उठाया कि क्या सूर्या हांसदा से जुड़े अवैध खनन और तस्करी में भाजपा नेताओं का चेहरा शामिल नहीं है? उन्होंने भाजपा से पूछा कि वह ऐसे व्यक्ति को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है, जो आदिवासी समाज की छवि को धूमिल कर रहा है।

‘दिल्ली के इशारों पर नाचना बंद करे भाजपा’

झामुमो नेता ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा बौखलाहट में झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा, “भाजपा दिल्ली के इशारों पर नाचना बंद करे और राज्य की चुनी हुई हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश छोड़ दे। जनता ने झारखंड में भाजपा को नकार दिया है और जनादेश झामुमो-कांग्रेस गठबंधन को दिया है। फिर भी भाजपा लगातार केंद्र की एजेंसियों और अन्य हथकंडों का इस्तेमाल कर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है।”

नगड़ी भूमि विवाद पर हेमंत सरकार का पक्ष

नगड़ी भूमि विवाद को लेकर भी भाजपा द्वारा किए जा रहे आरोपों पर पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार रैयतों (भूमि मालिक किसानों) के अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास का संतुलन बनाने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सिर्फ बहानेबाज़ी कर रही है और जनता को भड़काकर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहती है।

भाजपा के पास न जनादेश, न ठोस मुद्दा

पांडेय ने कहा कि भाजपा केवल सीबीआई जांच, भूमि विवाद और भ्रष्टाचार जैसे पुराने मुद्दों का सहारा लेकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा, “भाजपा के पास न जनादेश है और न ही कोई ठोस मुद्दा। अगर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी सचमुच आदिवासी हितैषी हैं, तो उन्हें केंद्र से झारखंड का बकाया खनिज राजस्व दिलाने, राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी सुनिश्चित करने पर जोर देना चाहिए।”

आरक्षण और आदिवासी हितों पर झामुमो का पलटवार

विनोद पांडेय ने भाजपा को चुनौती दी कि वह आदिवासी, ओबीसी और दलित समुदायों के आरक्षण को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने इन वर्गों के लिए आरक्षण की पहल की है, लेकिन केंद्र और राज्यपाल स्तर पर इसे अटकाया जा रहा है। “भाजपा अगर सच में आदिवासी और पिछड़े वर्गों की हितैषी है, तो उसे इस पहल का समर्थन करना चाहिए और केंद्र पर दबाव डालना चाहिए कि वह इसे जल्द लागू करे,” उन्होंने कहा।

भाजपा पर अवैध खनन में शामिल होने का आरोप

पांडेय ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया कि राज्य में हो रहे अवैध खनन और तस्करी में भाजपा नेताओं की संलिप्तता है। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद इस गोरखधंधे में शामिल है और अब दूसरों पर उंगली उठाकर बचने की कोशिश कर रही है।

झारखंड की राजनीति में झामुमो और भाजपा के बीच बढ़ता टकराव राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को और गरमा रहा है। एक तरफ भाजपा हेमंत सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लगाती है, वहीं दूसरी ओर झामुमो भाजपा पर राज्य की स्थिर सरकार को गिराने और आदिवासी समाज का अपमान करने का आरोप लगाता है। आने वाले दिनों में यह सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।