लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
• जिले की 76 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त, बिहार में सीवान को मिला दूसरा स्थान
• राज्यपाल की मौजूदगी में सिविल सर्जन, सीडीओ, डीपीएम स्वास्थ्य और प्रखंडस्तरीय अधिकारियों को किया जाएगा सम्मानित
सीवान। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सीवान जिले ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली और सामुदायिक सहभागिता का परिचय दिया है। वर्ष 2025-26 में जिले की 76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जिसके आधार पर सीवान को पूरे बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, मैरवा प्रखंड ने इतिहास रचते हुए अपने सभी आठ पंचायतों को टीबी मुक्त बनाकर बिहार का पहला 100 प्रतिशत टीबी मुक्त प्रखंड बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि के लिए सीवान के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रखंडस्तरीय कर्मियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे सीवान जिले ने इस वर्ष भी अपनी पहचान कायम रखी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मूल्यांकन के अनुसार जिले की 76 पंचायतें टीबी मुक्त पंचायत के मानकों पर खरी उतरी हैं। इस उपलब्धि के आधार पर सीवान को राज्य में दूसरा स्थान मिला है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद जिला संचारी रोग पदाधिकारी (सीडीओ) डॉ. अशोक कुमार एवं डीपीएम बिशाल कुमार सिंह को पटना में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार के महामहिम राज्यपाल की उपस्थिति प्रस्तावित है।
लगातार तीसरे वर्ष मिला राज्य स्तरीय सम्मान
टीबी-डीपीसी दीपक कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सीवान का प्रदर्शन लगातार सराहनीय रहा है। वर्ष 2023-24 में जिले की 11 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई थीं, जिसके लिए सीवान को पूरे बिहार में पहला स्थान मिला था। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 93 पंचायतों ने टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल किया और जिले ने फिर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब वर्ष 2025-26 में 76 पंचायतों के टीबी मुक्त होने के साथ सीवान ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर अपनी निरंतरता साबित की है।
मैरवा ने रचा इतिहास
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि मैरवा प्रखंड की रही है। प्रखंड की सभी आठ पंचायतों ने टीबी मुक्त पंचायत के मानकों को पूरा कर लिया है, जिसके बाद मैरवा को 100 प्रतिशत टीबी मुक्त प्रखंड घोषित किया गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला मैरवा बिहार का पहला प्रखंड बन गया है।
मैरवा की आठ पंचायतों में से दो पंचायतों को ब्रॉन्ज मेडल तथा छह पंचायतों को सिल्वर मेडल प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान पंचायत स्तर पर टीबी नियंत्रण, मरीजों की पहचान, उपचार की सफलता और सामुदायिक जागरूकता के आधार पर दिया जाता है।
इन अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
मैरवा प्रखंड की इस ऐतिहासिक सफलता में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रवि प्रकाश, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) पूनम कुमारी, एसटीएस इंचार्ज एवं एसटीएलएस शंकर पासवान तथा लैब टेक्निशियन प्रमोद कुमार मांझी को सम्मानित किया जाएगा।
जनभागीदारी से मिली सफलता
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि टीबी मरीजों की समय पर पहचान, नियमित उपचार, निक्षय मित्रों का सहयोग, घर-घर जागरूकता अभियान तथा सामुदायिक भागीदारी के कारण यह सफलता संभव हो सकी है। जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान का ही परिणाम है कि सीवान आज राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सीवान और विशेष रूप से मैरवा प्रखंड की यह उपलब्धि अन्य जिलों और प्रखंडों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है।







