विदेश डेस्क, ऋषि राज
बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी चीन यात्रा को “बेहद सफल और सकारात्मक” बताते हुए कहा है कि इस दौरे के दौरान अमेरिका और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाई है।
बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उच्चस्तरीय वार्ता के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय खोल सकती है। उनके अनुसार, अमेरिका और चीन ने व्यापारिक असंतुलन कम करने, निवेश बढ़ाने और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदमों पर सहमति जताई है।
ट्रंप ने बताया कि वार्ता के दौरान विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अरब डॉलर के समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से अमेरिकी कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे, जबकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी स्थिरता मिलेगी।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी बैठक को रचनात्मक और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों देशों का सहयोग वैश्विक विकास और स्थिरता के लिए आवश्यक है। शी ने परस्पर सम्मान और संतुलित सहयोग पर जोर दिया।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ने से रोकना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युद्ध और अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा बाजार तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। पिछले वर्षों में दोनों देशों के बीच टैरिफ, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक मतभेदों के कारण संबंधों में तनाव रहा है।
हालांकि, विश्लेषकों का यह भी कहना है कि वास्तविक प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष सहमत समझौतों को किस गति और गंभीरता से लागू करते हैं। फिलहाल, ट्रंप की इस यात्रा को अमेरिका-चीन संबंधों में स्थिरता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।







