विदेशडेस्क,श्रेयांश पराशर l
वॉशिंगटन। अमेरिका द्वारा युद्ध समाप्त करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव को ईरान ने सख्त शब्दों में खारिज कर दिया है। ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी शर्तों को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि किसी भी दबाव में आकर समझौता नहीं किया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें युद्धविराम, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने तथा भविष्य में ईरान पर हमला न करने की गारंटी जैसी बातें शामिल थीं। हालांकि, ईरान ने इन शर्तों को अपने राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब उन्हें पसंद नहीं आया और यह “बिल्कुल अस्वीकार्य” है। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म किए बिना युद्ध समाप्त नहीं माना जा सकता।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी स्पष्ट किया कि बातचीत का अर्थ आत्मसमर्पण नहीं होता। उन्होंने कहा कि ईरान अपने अधिकारों और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। ईरान द्वारा समुद्री गतिविधियों में रुकावट और अमेरिका की ओर से बंदरगाहों पर दबाव बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार चिंतित है। फरवरी में शुरू हुए सैन्य संघर्ष के बाद पिछले महीने अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन हालिया बयानबाजी ने एक बार फिर क्षेत्रीय शांति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







